Bihar Land Survey: वंशावली और खतियान निकलवाने में भू-मालिकों के छूट रहे पसीने, इन समस्याओं का करना पड़ रहा सामना

Bihar Land Survey: वंशावली और खतियान निकलवाने में भू-मालिकों

Bihar Land Survey: बिहार में 20 अगस्त से जमीन सर्वे का काम किया जा रहा था। करीब एक महीने तक जमीन सर्वे का काम चला। जिसके बाद अगले तीन महीने के लिए जमीन सर्वे के काम को रोक दिया गया है। वहीं जमीन सर्वे के काम में भू मालिकों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। भू-मालिक को वंशावली और खतियान से जुड़ी कई समस्या आ रही थी। वहीं अब भी वंशावली जमा करने में 5 नई समस्या सामने आ रही है। 

दरअसल, भूमालिकों को वंशावली, खतियान औैर अन्य कागजातों को जमा करने में परेशानी हो रही है। वो दस्तावेजों को जमा करने के लिए ब्लॉक और अंचल कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। खतियान को लेकर अब भी भू-मालिकों के मन में कई सवाल हैं। जबकि राजस्व विभाग ने साफ किया है कि जमीन सर्वे को लेकर भू-मालिकों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी, सर्वे में खातियान की आवश्यकता नहीं है।

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इसके बाद भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई ऐसे भी लोग हैं जिनका जमीन दादा, पिता या किसी अन्य के नाम पर है। इन जमीनों का कोई ऑनलाइन अपडेट भी नहीं है। जिसके कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है। वहीं भू-मालिकों का कहना है कि जब वे दस्तावेज निकलवाने ब्लॉक या अभिलेखागार जाते हैं तो उनको परेशानी उठानी पड़ती है। 

दस्तावेजों को जमा करने के लिए लंबी-लंबी लाइन लगी रहती है। वहीं इन भीड़ को देखते हुए दलाल और बिचौलिए इसका फायदा उठाते हैं। किसानों का कहना है कि एक ही बार खाता का खतियान दिया जा रहा है, अधिकांश पुराना खतियान गायब है। वहीं अधिकारी दस्तावेजों को निकलवाने के लिए मनमाना पैसों की भी मांग कर रहे हैं।