UP News: आखिरी जुमा के दौरान सड़क पर नमाज पढ़ना पड़ सकता है भारी! पासपोर्ट और लाइसेंस हो सकता रद्द, जानें किस शहर में प्रशासन ने उठाया कड़ा कदम

रमजान के आखिरी जुमा पर सड़क पर नमाज अदा करने पर मेरठ पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। सड़क पर नमाज अदा करने पर कार्रवाई होगी, और पासपोर्ट-लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।

UP News: आखिरी जुमा के दौरान सड़क पर नमाज पढ़ना पड़ सकता है
UP News- फोटो : freepik

UP News: रमजान के पवित्र महीने का अलविदा जुमा 28 मार्च को है, और इसे लेकर मेरठ पुलिस प्रशासन ने इस बार सख्त रुख अपनाया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क पर नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अगर कोई व्यक्ति सड़क पर नमाज पढ़ता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, और उसका पासपोर्ट और लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।

प्रशासन की सख्ती और मुस्लिम समुदाय की प्रतिक्रिया

मेरठ पुलिस ने यह फैसला रमजान के दौरान शहर में यातायात और सुरक्षा की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए लिया है। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि पिछले मामलों में भी सड़क पर नमाज पढ़ने पर 200 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। उन्होंने चेतावनी दी कि इस बार भी अगर कोई सड़क पर नमाज अदा करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।इस फैसले के बाद, मुस्लिम समुदाय ने इसका विरोध जताते हुए कहा कि अगर सड़क पर नमाज अदा करने पर रोक लगाई जा रही है, तो यह रोक सभी समुदायों पर समान रूप से लागू होनी चाहिए।

धार्मिक स्थलों पर नमाज की अपील

एसपी सिटी ने बताया कि प्रशासन ने सभी धर्मगुरुओं और इमामों से अपील की है कि लोग नमाज मस्जिदों या ईदगाहों में ही अदा करें। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य है कि लोग शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से अपने त्योहारों को मना सकें, बिना यातायात बाधित किए।

संभल में शांति समिति की बैठक

उधर, संभल में ईद और नवरात्रि के त्योहारों को ध्यान में रखते हुए शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में संभल सीओ अनुज चौधरी ने सांप्रदायिक सौहार्द की अपील की और कहा कि यदि किसी को ईद की सेवइयां खिलानी हैं, तो उसे गुजिया भी खानी होगी, जिससे दोनों समुदायों में भाईचारा बना रहे।

NIHER

मेरठ पुलिस प्रशासन का कदम

मेरठ पुलिस प्रशासन का यह कदम सुरक्षा और यातायात को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाया गया है, लेकिन इस पर मुस्लिम समुदाय ने आपत्ति जताई है। प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है, और अब देखना होगा कि रमजान के आखिरी जुमा पर इस आदेश का पालन कैसे होता है।

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