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Mahakumbh 2025: महिला श्रद्धालुओं का वीडियो अपलोड करने वालों पर प्रशासन ने कसा शिकंजा, अकाउंट ड‍िलीट,होगी ग‍िरफ्तारी

Mahakumbh 2025: महिला श्रद्धालुओं का वीडियो अपलोड करने वालों पर प्रशासन ने कसा शिकंजा, अकाउंट ड‍िलीट,होगी ग‍िरफ्तारी

प्रयागराज: महाकुंभ में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा महिला श्रद्धालुओं के अशोभनीय वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करने की घटना के बाद पुलिस ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। महाकुंभ पुलिस ने उन सोशल मीडिया अकाउंट्स को डिलीट करवा दिया है, जिन पर इस तरह के आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट किए गए थे। साथ ही, पुलिस ने मेटा कंपनी से संबंधित अकाउंट्स के संचालकों की जानकारी मांगी है, ताकि उन पर कार्रवाई की जा सके और उन्हें गिरफ्तार किया जा सके।


महाकुंभ के दौरान कुछ लोगों ने महिला श्रद्धालुओं का स्नान और कपड़े बदलते वक्त वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर शेयर कर दिया। इस घटना की जानकारी पुलिस की साइबर टीम को मिली, जो सोशल मीडिया और इंटरनेट पर लगातार निगरानी रख रही थी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वीडियो अपलोड करने वाले अकाउंट्स की पहचान की।


पुलिस ने यह पाया कि "नेहा" नाम से बनाए गए इंस्टाग्राम अकाउंट पर सबसे ज्यादा 38 अशोभनीय वीडियो पोस्ट किए गए थे। इसके अलावा अन्य अकाउंट्स पर भी कई वीडियो शेयर किए गए थे। पुलिस ने इस मामले में आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया और अब इन अकाउंट्स को डिलीट करने की कार्रवाई की गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिन लोगों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत किया गया है, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर हुए भगदड़ की घटना से संबंधित फर्जी वीडियो वायरल करने के आरोपी बृजेश कुमार प्रजापति को बांदा से गिरफ्तार किया गया। उसे महाकुंभ के कोतवाली थाने में लाकर अग्रिम विधिक कार्रवाई की गई। बाद में उसे निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।


जांच में यह सामने आया कि 2 फरवरी को वायरल हुआ वीडियो नेपाल का था, जिसे महाकुंभ से जोड़कर गलत तरीके से प्रसारित किया गया। वीडियो में एक ही परिवार के तीन लोगों की भगदड़ में मौत होने का दावा किया गया और शवों को कंधे पर ले जाते हुए दिखाया गया था। इस वीडियो का उद्देश्य यूपी सरकार की छवि को धूमिल करना और लोगों के बीच सरकार के खिलाफ नफरत फैलाना था।


इस मामले में महाकुंभ के इंस्पेक्टर अनिल यादव ने तहरीर दी थी, जिसके बाद बृजेश कुमार प्रजापति सहित अन्य लोगों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। अब तक कई आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है, और कुछ अन्य आरोपितों के खिलाफ भी कानूनी कदम उठाए जाएंगे। महाकुंभ की क्षेत्राधिकारी सोशल मीडिया तनु उपाध्याय ने बताया कि आईटी एक्ट के तहत आरोपितों को सात साल तक की सजा का प्रावधान है, इसलिए बृजेश कुमार को मुचलके पर छोड़ दिया गया है। हालांकि, मामले में अन्य आरोपितों के खिलाफ भी आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।


महाकुंभ पुलिस ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ऐसे आपत्तिजनक और अमर्यादित वीडियो शेयर करने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और महिला श्रद्धालुओं के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

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