केदारनाथ यात्रा मार्ग पर चीरबासा के पास भूस्खलन से फिर रुकी यात्रा : पत्थर गिरने से एक की मौत, हेली सेवा की शुरुआत में भी देरी
केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा हेलीपैड के पास पहाड़ी से लगातार पत्थर और मलबा गिरने के कारण एक बार फिर यात्रा को एहतियातन रोक दिया गया है। फिलहाल पूरे मार्ग पर प्रशासनिक निगरानी बढ़ा दी गई है...
Uttrakhand : केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा हेलीपैड के पास पहाड़ी से लगातार पत्थर और मलबा गिरने के कारण सोमवार सुबह एक बार फिर यात्रा को एहतियातन रोक दिया गया है। रविवार को भी इसी स्थान पर पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आने से एक स्थानीय बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने केदारनाथ धाम जाने और वहां से लौटने वाले तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया है। फिलहाल पूरे मार्ग पर प्रशासनिक निगरानी बढ़ा दी गई है।
पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से स्थानीय बुजुर्ग की मौत
सोनप्रयाग कोतवाली प्रभारी सुरेश चंद्र बलूनी के अनुसार, रविवार को चीरबासा के पास हुए हादसे में जान गंवाने वाले बुजुर्ग की पहचान मदन मोहन तिवारी (65 वर्ष), निवासी ग्राम पठाली (ऊखीमठ, रुद्रप्रयाग) के रूप में हुई है। इस हादसे के बाद सुरक्षा के दृष्टिकोण से केदारनाथ धाम से वापस लौट रहे यात्रियों को जंगलचट्टी तथा दर्शन के लिए ऊपर जा रहे श्रद्धालुओं को सोनप्रयाग और गौरीकुंड में ही रोक दिया गया है। प्रशासन ने सभी यात्रियों से मार्ग पूरी तरह साफ होने तक वहीं रुकने की अपील की है।
रेस्क्यू टीमों की निगरानी में यात्रियों की सुरक्षित निकासी जारी
मार्ग बाधित होने के बावजूद धाम में फंसे यात्रियों को निकालने के लिए आपदा प्रबंधन की टीमें मुस्तैद हैं। वर्तमान में भीमबली से गौरीकुंड की ओर आने वाले यात्रियों को सुरक्षा मानकों का पालन कराते हुए चरणबद्ध तरीके से सुरक्षित निकाला जा रहा है। मौके पर एसडीआरएफ (SDRF), डीडीआरएफ (DDRF), वाईएमएफ, आपदा मित्र और पुलिस बल के जवान तैनात हैं। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और यात्रियों को पूरी सुरक्षा प्रदान की जा रही है।
दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन के कारण टली हेली सेवा की शुरुआत
इधर, केदारनाथ धाम के लिए 15 सितंबर से शुरू होने वाली दूसरे चरण की हेली सेवा फिलहाल टल गई है। हेलीकॉप्टर नोडल अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन के कारण वहां से हेलीकॉप्टर उत्तराखंड नहीं पहुंच सके हैं, जिससे ट्रायल और डीजीसीए (DGCA) का निरीक्षण प्रस्तावित समय पर नहीं हो सका। अब अगले दो से चार दिनों में ट्रायल और निरीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हेली सेवाएं विधिवत शुरू की जा सकेंगी।
मौसम विभाग का अलर्ट और प्रशासन की अपील
दूसरी ओर, मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और देहरादून में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी और अल्मोड़ा में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। प्रशासन ने तीर्थयात्रियों से अनुरोध किया है कि वे मौसम और मार्ग की स्थिति सामान्य होने तथा आधिकारिक अनुमति मिलने के बाद ही अपनी आगे की यात्रा शुरू करें।