बांग्लादेश में फिर खून-खराबा! हिंदू शख्स की सरेआम गोली मारकर हत्या, अल्पसंख्यकों में भारी दहशत

बांग्लादेश के जेसोर में सोमवार को 45 वर्षीय हिंदू व्यक्ति राणा प्रताप बैरागी की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। देश में अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमलों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।

बांग्लादेश में फिर खून-खराबा!  हिंदू शख्स की सरेआम गोली मारक

  • N4N Desk - बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ जारी हिंसा के बीच जेसोर जिले में एक और हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ सरेआम बाजार में एक हिंदू व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिसने पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।

  • कपालिया बाजार में सरेआम गोलीबारी

    यह घटना सोमवार, 5 जनवरी 2026 की शाम करीब 5:45 बजे जेसोर जिले के मोनिरामपुर उपजिला स्थित कपालिया बाजार में हुई। मृतक की पहचान 45 वर्षीय राणा प्रताप बैरागी के रूप में हुई है, जो केशवपुर के अरुआ गांव के निवासी थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राणा प्रताप बाजार में अपने सामान्य काम से मौजूद थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर अचानक हमला कर दिया और उन्हें लक्ष्य बनाकर गोलियां चला दीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

  • सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की जांच

    वारदात के बाद मोनिरामपुर पुलिस स्टेशन के ऑफिसर-इन-चार्ज (OC) रजिउल्लाह खान पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल हमलावरों की पहचान नहीं हो सकी है, लेकिन पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने और संदिग्धों की तलाश में सघन छापेमारी करने का दावा कर रही है।

  • हिंदुओं पर हमलों का खौफनाक सिलसिला

    राणा प्रताप बैरागी की हत्या कोई इकलौती घटना नहीं है, बल्कि यह हाल के महीनों में हिंदुओं को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों की कड़ी का हिस्सा है। दिसंबर 2025 में मैमनसिंह में दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इसके अलावा बजेंद्र बिस्वास और अमृत मंडल जैसे कई अन्य हिंदुओं को भी हिंसक मौतों का सामना करना पड़ा है, जबकि इसी साल जनवरी में शरियतपुर में खोकोन दास को जिंदा जलाकर मारने की घटना सामने आई थी।

  • कट्टरपंथ का बढ़ता प्रभाव और असुरक्षा

    विशेषज्ञों और मानवाधिकार संगठनों ने चिंता जताई है कि शेख हसीना सरकार के पतन के बाद बनी अंतरिम सरकार के कार्यकाल में कट्टरपंथी तत्व पहले से कहीं अधिक सक्रिय हो गए हैं। कानून व्यवस्था के कमजोर होने और ईशनिंदा जैसे झूठे आरोपों के सहारे अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है। सरेआम बाजार में हुई इस हत्या ने हिंदू समुदाय के भीतर डर और असुरक्षा के माहौल को और अधिक गहरा कर दिया है।

  • वैश्विक निंदा और भारत की मांग

    बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने इन हत्याओं को ‘आराधिक कृत्य’ करार देते हुए जांच के आदेश दिए हैं। दूसरी ओर, भारत ने इन घटनाओं पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बांग्लादेश सरकार से हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है। अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों ने भी बढ़ती हिंसा पर गहरी चिंता जताई है, जिससे यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गर्मा गया है।