यौन उत्पीड़न मामले में पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर कोर्ट ने सुनाया फैसला, महिला पहलवानों से जुड़ा था मामला

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को महिला पहलवानों द्वारा दर्ज कराए गए यौन उत्पीड़न के मामले में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर फैसला \सुनाया.

Brij Bhushan Sharan Singh - फोटो : news4nation

Brij Bhushan Singh : भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों द्वारा दर्ज कराए गए यौन उत्पीड़न के मामले में बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया। इसी मामले में आरोपी बनाए गए WFI के निलंबित सहायक सचिव विनोद तोमर को भी अदालत ने दोषमुक्त करार दिया। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्विनी पंवार ने यह फैसला सुनाया। हालांकि, अदालत का विस्तृत आदेश अभी जारी होना बाकी है।


यह मामला देशभर में चर्चा का विषय बना था, जब कई महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न और डराने-धमकाने के आरोप लगाए थे। मई 2024 में अदालत ने छह महिला पहलवानों की शिकायत के आधार पर बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आपराधिक धमकी (क्रिमिनल इंटिमिडेशन) के आरोप तय करने का आदेश दिया था। हालांकि, छह शिकायतकर्ताओं में से एक महिला पहलवान की शिकायत में उन्हें पहले ही आरोपमुक्त कर दिया गया था।


दिल्ली पुलिस ने 15 जून 2023 को इस मामले में आरोपपत्र दाखिल किया था। आरोपपत्र में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 (महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), 354A (यौन उत्पीड़न), 354D (पीछा करना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत आरोप लगाए गए थे।


फैसला आने के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने इसे अपने और अपने समर्थकों के लिए खुशी का दिन बताया। उन्होंने कहा, "शुरू से ही मैंने कहा था कि अगर मेरे खिलाफ कोई आरोप साबित होता है तो मैं खुद को फांसी लगा लूंगा। आज अदालत ने मुझे सम्मानपूर्वक बरी किया है। यह मेरे और मेरे समर्थकों के लिए खुशी का दिन है।"


अदालत के इस फैसले के साथ लंबे समय से चल रहे इस चर्चित मामले में बृजभूषण शरण सिंह और सह-आरोपी विनोद तोमर को राहत मिल गई है। वहीं, अब सभी की नजर अदालत के विस्तृत आदेश पर रहेगी, जिसमें फैसले के आधार और कानूनी तर्क स्पष्ट किए जाएंगे।