UP DESK : यूपी के प्रतापगढ़ में दर्दनाक रेल हादसा, ट्रेन की चपेट में आने से 20 बकरियों की मौत, तीन महिलाएं बाल-बाल बचीं

UP DESK : यूपी के प्रतापगढ़ में रेलवे ट्रैक पार करने के दौरान एक ट्रेन की चपेट में आने से करीब 20 बकरियों की कटकर मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई......पढ़िए आगे

UP DESK : यूपी के प्रतापगढ़ में दर्दनाक रेल हादसा, ट्रेन की
ट्रेन हादसा - फोटो : SOCIAL MEDIA

UP DESK : उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से एक बेहद दुखद और सतर्क करने वाली खबर सामने आई है। यहां रेलवे ट्रैक पार करने के दौरान एक ट्रेन की चपेट में आने से करीब 20 बकरियों की कटकर मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस भीषण हादसे के वक्त बकरियों को चराकर लौट रही तीन ग्रामीण महिलाएं भी ट्रेन की ज़द में आने ही वाली थीं, लेकिन गनीमत रही कि वे समय रहते पीछे हट गईं और बाल-बाल बच गईं।

घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और मृत बकरियों के अवशेष पटरी पर बिखर गए। हादसे का शिकार हुईं बकरियों के मालिक ग्रामीण परिवारों के लिए यह एक बड़ा आर्थिक और मानसिक झटका है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन काफी तेज रफ्तार में थी और जब तक महिलाओं को ट्रेन के आने का अंदाजा होता, तब तक बकरियों का झुंड पटरी के बीच आ चुका था। महिलाओं ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई।

यह दुर्घटना एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में रेलवे पटरियों के असुरक्षित इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। अक्सर देखा जाता है कि गांवों में लोग शॉर्टकट अपनाने के चक्कर में रेलवे पटरियों को ही पैदल चलने का रास्ता बना लेते हैं। मवेशियों को चराने के लिए ले जाते समय या दैनिक आवागमन के दौरान पटरियों पर चलना और उन्हें बिना ध्यान दिए पार करना बेहद खतरनाक साबित हो रहा है।

रेलवे प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों द्वारा लगातार यह चेतावनी दी जाती है कि पटरियों पर पैदल चलना न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि जानलेवा भी है। इसके बावजूद, जागरूकता की कमी और लापरवाही के कारण ऐसे हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। तेज रफ्तार ट्रेनों के हॉर्न की आवाज कई बार हवा के रुख या अचानक ध्यान भटकने के कारण समय पर समझ में नहीं आती, जो बड़े हादसों का कारण बनती है।

प्रतापगढ़ की इस दुखद घटना से सीख लेते हुए ग्रामीणों से अपील की जा रही है कि वे रेलवे पटरियों पर चलने से बचें और मवेशियों को चराते समय पटरियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। स्थानीय स्तर पर रेलवे सुरक्षा बल और प्रशासन को भी ग्रामीण इलाकों में पटरियों के आसपास गश्त बढ़ाने और लोगों को जागरूक करने की सख्त आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।