नेपाल में फ्लैश फ्लड से भारी तबाही, 626 लोगों की मौत, 2,400 से ज्यादा अब भी लापता... बिहार को लेकर बड़ा अलर्ट

भारी बारिश के कारण राहत और बचाव अभियान भी प्रभावित हो रहा है। भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के आसपास जलस्तर एक बार फिर बढ़ने से प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया है। आपदा में अब तक 626 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है

Nepal-Tibet Flash Floods Death- फोटो : news4nation

Nepal-Tibet Flash Floods Death : नेपाल और तिब्बत के चीन सीमा से सटे इलाकों में ग्लेशियर टूटने और एवलांच के बाद आई अचानक बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। लगातार बारिश के चलते हालात और गंभीर होते जा रहे हैं। नेपाल पुलिस के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, आपदा में अब तक 626 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 2,400 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं।


भारी बारिश के कारण राहत और बचाव अभियान भी प्रभावित हो रहा है। भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के आसपास जलस्तर एक बार फिर बढ़ने से प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों और बचाव दलों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। खतरा बढ़ने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए भी कहा गया है।


वहीं नेपाल की त्रासदी के कारण बिहार में भी लगातार खतरे की संभावना बनी हुई है। विशेषकर गंडक नदी के जलस्तर के बढने के खतरा अभी भी बरकरार है। इसी तरह नेपाल के कई इलाकों में लगातार जल स्तर बढने से भोटेकोसी में जलप्रवाह तेज है, इसका असर बिहार में कोसी नदी पर पड़ सकता है। 


नेपाल में 1,924 लोग लापता

बाढ़ और भूस्खलन के बाद नेपाल और तिब्बत में कुल 2,478 लोगों के लापता होने की सूचना है। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें 1,924 लोग नेपाल से और 554 लोग तिब्बत से हैं। अधिकारियों का कहना है कि राहत एवं बचाव कार्य आगे बढ़ने और नुकसान का आकलन पूरा होने के साथ लापता लोगों की संख्या में बदलाव हो सकता है।


नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, पर्यटकों और विदेशी कामगारों समेत 517 विदेशी नागरिकों के भी लापता होने की जानकारी है। वहीं, चीनी अधिकारियों ने सीमा के दूसरी तरफ 260 विदेशी नागरिकों के लापता होने की सूचना दी है।


121 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया

नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक, बाढ़ और भूस्खलन के बीच 121 पर्यटकों को सुरक्षित बचाया गया है। हालांकि, स्थानीय लोगों और विदेशी कामगारों समेत कुल कितने लोगों को अब तक बचाया गया है, इसका स्पष्ट आंकड़ा सामने नहीं आया है। नेपाल पुलिस ने मृतकों की संख्या 626 बताई है। यह आंकड़ा शुक्रवार को नेपाल की आपदा एजेंसी द्वारा जारी 579 मौतों के आंकड़े से अधिक है। वहीं, तिब्बत में भी सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।


सड़कें तबाह, मुश्किल से पहुंची चीनी रेस्क्यू टीम

आपदा के कारण प्रभावित इलाकों को जोड़ने वाली कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इसके चलते चीन की बचाव टीम को सबसे ज्यादा प्रभावित ग्यािरोंग सीमा क्रॉसिंग तक पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। टीम शुक्रवार को वहां पहुंच सकी। 21 सदस्यों वाली चीनी रेस्क्यू टीम के साथ एक खोज एवं बचाव कुत्ता भी मौजूद था। टीम ने पहाड़ी रास्तों, घाटियों, जंगलों और खड़ी चट्टानों को पार करते हुए प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंच बनाई। दुर्गम इलाकों में आगे बढ़ने के लिए बचावकर्मियों ने रस्सियों का भी इस्तेमाल किया।


अधिकारियों के मुताबिक, लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण खतरा अभी टला नहीं है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान के साथ-साथ लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने पर भी जोर दिया जा रहा है।