'चंदा चोर-गद्दी छोड़ो'... राम मंदिर चंदा चोरी का अनोखा विरोध, भगवा पहनकर पप्पू यादव बने साधु, राहुल गांधी ने दान पेटी में डाले पैसे

पप्पू यादव ने कहा कि अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चंदे में कथित गड़बड़ी और चोरी की घटनाओं से देशभर के लोग आहत हैं।

Ayodhya Ram Temple Donation Theft Row- फोटो : news4nation

Pappu Yadav :  अयोध्या राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर संसद के मानसून सत्र में शुक्रवार को विपक्ष ने अनोखे अंदाज में केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव साधु-संत के वेश में भगवा वस्त्र पहनकर संसद पहुंचे। उनके हाथ में भगवान राम की तस्वीर थी और सामने एक दान पेटी रखी हुई थी। संसद के मकर द्वार के बाहर विपक्षी सांसदों के साथ धरने के दौरान उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से "चंदा चोरी" का मुद्दा उठाया।


धरना स्थल पर समाजवादी पार्टी की एक महिला सांसद भी पप्पू यादव के साथ बैठ गईं। इसी दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी वहां पहुंचे और प्रतीकात्मक रूप से दान पेटी में पैसे डाले। इसके बाद पप्पू यादव और महिला सांसद ने उन पैसों को उठाकर विरोध का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने "चंदा चोर-गद्दी छोड़ो" और "अमित शाह संसद से गायब क्यों?" जैसे नारे लिखे पोस्टर और बैनर भी लहराए। विपक्ष ने सरकार से इस पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।


पप्पू यादव ने कहा कि अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चंदे में कथित गड़बड़ी और चोरी की घटनाओं से देशभर के लोग आहत हैं। उन्होंने कहा कि उनका यह प्रदर्शन किसी धार्मिक भावना के खिलाफ नहीं, बल्कि मंदिर में चढ़ाए गए श्रद्धालुओं के चंदे की सुरक्षा और पारदर्शिता की मांग को लेकर है।


क्या है राम मंदिर चंदा चोरी का मामला?

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की गिनती के दौरान नकदी और अन्य दान में कथित हेराफेरी के आरोप सामने आने के बाद यह मामला सुर्खियों में आया। मंदिर ट्रस्ट की शिकायत के आधार पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और चढ़ावे की गिनती से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया। 

जांच के लिए गठित एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में नकदी गिनती की प्रक्रिया में सुरक्षा संबंधी खामियां, निगरानी में लापरवाही और कई बार कथित चोरी की घटनाओं के संकेत मिले। बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जांच को और मजबूत करने के लिए नई एसआईटी का गठन किया गया और मामले की जांच जारी है।