एसपी ने लगाया जनता दरबार, जमीन विवादों के लिए अंचल दरबार जाने का निर्देश, सरपंचों को दी निष्पक्ष रहने की सलाह
जनता दरबार में पहुँचे दर्जनों फरियादियों में से अधिकांश मामले भूमि विवाद से संबंधित थे। एसपी जितेंद्र कुमार ने स्पष्ट किया कि जमीन पर कब्जा दिलाना पुलिस का प्राथमिक कार्य नहीं है, बल्कि पुलिस केवल विधि-व्यवस्था बनाए रखने का काम करती है।
Araria - अररिया के फुलकाहा थाना परिसर में शुक्रवार को एसपी जितेंद्र कुमार ने आम जनता की समस्याएं सुनने के लिए जनता दरबार का आयोजन किया. इस दौरान दर्जनों फरियादी अपनी समस्याओं को लेकर पहुँचे, जिनमें से अधिकांश मामले भूमि विवाद से जुड़े हुए थे. लगभग 20 भू-विवाद आवेदनों पर संज्ञान लेते हुए एसपी ने स्पष्ट किया कि जमीन पर कब्जा दिलाना पुलिस का काम नहीं है, बल्कि पुलिस केवल विधि-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाती है. उन्होंने थानाध्यक्ष को निर्देश दिया कि ऐसे सभी मामलों में दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर नरपतगंज अंचल के जनता दरबार में उपस्थित होने के लिए कहा जाए.
सुरसर पुलिस कैंप को पुनर्जीवित करने की मांग
जनता दरबार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए. समाजसेवी नरेश बिराजी ने एसपी के समक्ष सुरसर में पूर्व में स्थित पुलिस कैंप को फिर से स्थापित करने की मांग रखी. उन्होंने बताया कि पहले वहां पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति से अपराध नियंत्रण में काफी मदद मिलती थी, लेकिन कुछ साल पहले इसे हटा दिया गया. इस पर एसपी जितेंद्र कुमार ने सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि वे स्वयं स्थल का जायजा लेंगे और इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करेंगे.
सुरक्षा को लेकर पीड़ितों ने लगाई गुहार
जनता दरबार में कुछ गंभीर आपराधिक मामलों के पीड़ितों ने भी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई. फुलकाहा के चर्चित कारोबारी दीपू हत्याकांड के आरोपी के जमानत पर बाहर आने के कारण मृतक के परिजनों ने अप्रिय घटना की आशंका व्यक्त की और अपनी जानमाल की सुरक्षा के लिए गुहार लगाई. इसके साथ ही, अररिया नगर भाजपा के पूर्व अध्यक्ष रणधीर सिंह के घर हुई लाखों की चोरी के मामले में भी त्वरित कार्रवाई और अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग एसपी के समक्ष रखी गई.
पंचायत प्रतिनिधियों और सरपंचों को विशेष सलाह
एसपी जितेंद्र कुमार ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए न्यायिक प्रणाली में सुधार का आह्वान किया. उन्होंने सरपंचों को प्रेरित करते हुए कहा कि उनके पास पर्याप्त शक्तियां हैं और उन्हें निष्पक्ष होकर जनता का विश्वास जीतना चाहिए. एसपी ने सलाह दी कि छोटे-मोटे विवादों का निपटारा पंचायत स्तर पर ही किया जाना चाहिए, ताकि पुलिस गंभीर मामलों पर ध्यान केंद्रित कर सके. हालांकि, उन्होंने पॉक्सो और एससी-एसटी जैसे संगीन मामलों में पंचायती करने से बचने की सख्त हिदायत दी.
वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगीइस महत्वपूर्ण आयोजन में पुलिस प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे. मौके पर फारबिसगंज डीएसपी मुकेश कुमार साहा, रानीगंज सर्किल इंस्पेक्टर सतीश कुमार और फुलकाहा थानाध्यक्ष विकास कुमार मौर्य सहित कई थानों के अधिकारी उपस्थित थे. जनप्रतिनिधियों में जिला परिषद उपाध्यक्ष चांदनी देवी, मुखिया प्रतिनिधि और पंचायत समिति सदस्यों ने भी हिस्सा लिया और अपनी क्षेत्र की समस्याओं से एसपी को अवगत कराया
रिपोर्ट - राजेश कुमार