Bhojpur Vigilance Raid: बिहार में 'कुबेर' निकला पशु अस्पताल का चपरासी, निगरानी की छापेमारी में 1.06 करोड़ की अवैध संपत्ति उजागर

Bihar Vigilance Raid News: भोजपुर के गड़हनी में पशु चिकित्सालय के कार्यालय परिचारी शिवानन्द कुमार सिंह के पास 1.06 करोड़ रुपये से अधिक की आय से अधिक संपत्ति पाई गई है।निगरानी ब्यूरो की छापेमारी में 34 जमीनों के दस्तावेज महिंद्रा थार सहित 3 गाड़िया

बिहार में 'कुबेर' निकला पशु अस्पताल का चपरासी- फोटो : Reporter

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Investigation Bureau) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। भोजपुर जिले के गड़हनी प्रखंड स्थित प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय में पदस्थापित चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी (कार्यालय परिचारी) शिवानन्द कुमार सिंह के ठिकानों पर छापेमारी की गई। एक मामूली चपरासी के पास अकूत संपत्ति होने की खबर सामने आते ही प्रशासनिक महकमे और आम जनता के बीच हड़कंप मच गया है।


ज्ञात आय से 253% से अधिक संपत्ति, 1.06 करोड़ रुपये का मामला दर्ज

निगरानी ब्यूरो द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति (सं. 0-97/2026) के अनुसार, आरोपी कर्मचारी ने अपनी वैध आय के स्रोतों से सैकड़ों गुना अधिक संपत्ति अर्जित की है। आरोपी शिवानन्द कुमार सिंह के खिलाफ निगरानी थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कांड संख्या 0-087/26 दर्ज किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, उनके पास से कुल ₹1,06,62,770 (एक करोड़ छह लाख बासठ हजार सात सौ सत्तर रुपये) की आय से अधिक संपत्ति पाई गई है, जो उनकी वैध आय से लगभग 253.8% अधिक है।


आरोपी और पत्नी के नाम 34 अचल संपत्तियां, महिंद्रा थार सहित तीन गाड़ियां बरामद

निगरानी की जांच में आरोपी शिवानन्द कुमार सिंह और उनकी पत्नी श्रीमती चांदनी सिंह के नाम पर संपत्ति का बड़ा जाल उजागर हुआ है। दोनों के नाम पर कुल 34 अचल संपत्तियां (जमीन व मकान) दर्ज पाई गई हैं, जिनका कुल सरकारी मूल्य ₹1,11,76,250 रुपये है। इसके अलावा, ₹17.24 लाख रुपये मूल्य के तीन वाहनों का भी पंजीकरण मिला है, जिनमें एक लग्जरी महिंद्रा थार गाड़ी और दो मोटरसाइकिलें शामिल हैं।


तीन ठिकानों पर देर रात तक चली छापेमारी, दर्जनों प्रॉपर्टी डील्स के कागजात मिले

विशेष न्यायालय (निगरानी), पटना से प्राप्त सर्च वारंट के आधार पर 22 जुलाई 2026 को निगरानी की तीन अलग-अलग टीमों ने आरोपी के घर, आवास और कार्यालय समेत तीनों ठिकानों पर देर रात तक छापेमारी की। इस दौरान 15 जमीन क्रय डीड, 12 बिक्री डीड, 3 एग्रीमेंट पेपर्स, 1 मॉर्गेज डीड और 5 विभिन्न बैंक खातों के दस्तावेज बरामद किए गए, जो उनकी असीमित संपत्ति की कहानी बयान करते हैं।


आरोपी के खिलाफ जांच जारी, भ्रष्टाचार के नेटवर्क को खंगाल रही पुलिस

एक चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी द्वारा इतने बड़े पैमाने पर जमीन और वाहनों की खरीद-बिक्री किए जाने के खुलासे के बाद अब इस पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार मामले का अनुसंधान तेजी से जारी है। पुलिस और जांच एजेंसियां इस बात का पता लगा रही हैं कि इस अवैध कमाई और भ्रष्टाचार के पीछे विभाग के अन्य किन-किन लोगों या अधिकारियों की मिलीभगत रही है।

पटना से रंजीत कुमार की रिपोर्ट