Bihar Crime : आरा साइबर पुलिस का बड़ा एक्शन, डॉक्टर को 'डिजिटल अरेस्ट' कर 19 लाख ठगने वाला मास्टरमाइंड दिल्ली से गिरफ्तार

Bihar Crime : आरा में डॉक्टर को 'डिजिटल अरेस्ट' कर 19 लाख ठगने वाला मास्टरमाइंड को पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है. इसमें एक बैंककर्मी की संलिप्त पायी गयी है......पढ़िए आगे

साइबर अपराधी गिरफ्तार - फोटो : ASHISH

ARA : भोजपुर जिले की साइबर पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर एक डॉक्टर से 19 लाख रुपये की बड़ी ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के मुख्य मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है। एसपी राज के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने छापेमारी कर मास्टरमाइंड उपेंद्र सिंह को नई दिल्ली से धर दबोचा। पकड़ा गया आरोपित मूल रूप से राजस्थान के भरतपुर का निवासी है, जो वर्तमान में दिल्ली के मॉडल टाउन इलाके में छिपकर रह रहा था।

कमीशन के खेल ने खोला मास्टरमाइंड का राज

साइबर डीएसपी स्नेह सेतु ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस गिरोह के दो सदस्यों, दलीप कुमार और जिशान खान को पुलिस ने पिछले साल 25 अक्टूबर को ही दिल्ली से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि ये दोनों आरोपी कमीशन के आधार पर अपने बैंक खातों में ठगी की रकम मंगवाते थे। बैंक के सीसीटीवी फुटेज में इन दोनों को पैसे निकालते हुए देखा गया था। इन्हीं दोनों की निशानदेही और कड़ाई से पूछताछ के बाद मुख्य सरगना उपेंद्र सिंह का नाम सामने आया।

फर्जी खातों के लिए बैंक डिप्टी मैनेजर से साठगांठ

पुलिस जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य यह भी सामने आया है कि इस पूरे ठगी के खेल में एक बैंक के डिप्टी मैनेजर अविनाश की भी संदिग्ध भूमिका है। आरोप है कि डिप्टी मैनेजर मोटी रकम लेकर फर्जी दस्तावेज पर बैंक खाते खुलवाने में गिरोह की मदद करता था। इन्ही फर्जी खातों का इस्तेमाल डॉक्टर से ठगे गए 19 लाख रुपये मंगवाने और फिर उसे ठिकाने लगाने के लिए किया गया था। पुलिस अब इस बैंक अधिकारी की संलिप्तता की गहराई से जांच कर रही है।

राजस्थान से दिल्ली तक फैला है नेटवर्क

गिरफ्तार मास्टरमाइंड उपेंद्र सिंह बेहद शातिर है और राजस्थान के भरतपुर जिले का रहने वाला है, जो साइबर अपराध का एक बड़ा केंद्र माना जाता है। वह दिल्ली के विजय नगर मोहल्ले में रहकर पूरे गिरोह का संचालन कर रहा था। पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है, जिसमें कई महत्वपूर्ण डेटा और ठगी के ट्रांजैक्शन मिलने की संभावना है। पुलिस टीम अब इस गिरोह के अन्य तकनीकी पहलुओं और संपर्कों को खंगाल रही है।

साइबर पुलिस की अपील: 'डिजिटल अरेस्ट' से न डरें

इस बड़ी गिरफ्तारी के बाद साइबर पुलिस ने एक बार फिर आम नागरिकों और विशेषकर पेशेवर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। डीएसपी स्नेह सेतु ने स्पष्ट किया कि 'डिजिटल अरेस्ट' जैसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं है; यह केवल डराने और ठगने का एक नया तरीका है। पुलिस ने कहा कि किसी भी संदिग्ध कॉल या वीडियो कॉल पर बैंक विवरण साझा न करें और तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन नंबर पर सूचित करें।

आशीष की रिपोर्ट