Bihar News : बेगूसराय के लाल मुकेश सिंह बने मणिपुर के नए DGP, लद्दाख के बाद मिली बड़ी जिम्मेदारी

Bihar News : बेगूसराय के मंझौल के रहने वाले मुकेश सिंह की सफलता की कहानी देश के हर युवा के लिए एक बड़ी मिसाल बन चुकी है। लद्दाख के बाद अब उन्हें मणिपुर का नया डीजीपी नियुक्त किया गया है।

मुकेश कुमार को बड़ी जिम्मेवारी - फोटो : SOCIAL MEDIA

BEGUSARAI : बिहार के बेगूसराय जिले के मंझौल के रहने वाले मुकेश सिंह (IPS) की सफलता की कहानी आज देश के हर युवा के लिए एक बड़ी मिसाल बन चुकी है। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के बाद अब उन्हें मणिपुर जैसे रणनीतिक और महत्वपूर्ण राज्य का नया पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया गया है। यह बड़ी उपलब्धि पूरे बिहार और खासकर बेगूसराय जिले के लिए अत्यंत गौरव का क्षण है, जिससे पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

मुकेश सिंह की इस ऐतिहासिक सफलता की नींव उनके परिवार के अनुशासित और सादगी भरे माहौल में छिपी है। उनके पिता उपेन्द्र प्रसाद सिंह बोकारो स्टील प्लांट में एजीएम (AGM) के पद पर कार्यरत रहे, जिन्होंने एक इंजीनियर पिता के रूप में अपने बेटे को कड़ी मेहनत का पाठ पढ़ाया। मुकेश सिंह की प्रारंभिक शिक्षा सेंट जेवियर्स स्कूल, बोकारो से हुई और बचपन से ही मेधावी होने के कारण उन्होंने आगे चलकर देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान IIT दिल्ली से अपनी उच्च शिक्षा पूरी की।

IIT दिल्ली से पास आउट होने के बाद मुकेश सिंह ने बोकारो स्टील प्लांट में ही अपनी पहली नौकरी की शुरुआत की थी। हालांकि, उनके भीतर देश सेवा का एक अलग ही जुनून था, जिसने उन्हें कॉर्पोरेट की दुनिया से निकालकर UPSC की सिविल सेवा परीक्षा की ओर मोड़ा। अपनी काबिलियत के दम पर वे भारतीय पुलिस सेवा (IPS) का हिस्सा बने और देश की सुरक्षा व्यवस्था में अपना योगदान देना शुरू किया।

जम्मू-कश्मीर कैडर के अधिकारी के रूप में उनका करियर बेहद शानदार और चुनौतीपूर्ण रहा, जहां उन्होंने पुलवामा, रियासी और पुंछ जैसे सबसे संवेदनशील इलाकों में बतौर SP और SSP काम करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को एक नई मजबूती दी। इसके बाद उन्होंने देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी NIA में रहकर कई जटिल मामलों को सुलझाया और फिर दिल्ली स्थित ITBP हेडक्वार्टर में ADGP के महत्वपूर्ण पद पर अपनी सेवाएं दीं।

जनवरी 2026 में लद्दाख का DGP बनाए जाने के बाद, अब उनके इसी बेदाग और शानदार रणनीतिक अनुभव को देखते हुए केंद्र सरकार ने उन्हें मणिपुर की सुरक्षा और शांति व्यवस्था का सर्वोच्च जिम्मा सौंपा है। आज भी उनका परिवार अपनी मंझौल की मिट्टी से पूरी तरह जुड़ा हुआ है। मुकेश सिंह की यह कामयाबी साबित करती है कि बिहार की मिट्टी के युवाओं में वो दम है, जो देश के सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों की कमान कुशलता से संभाल सकते हैं।