बगहा पुलिस की बड़ी कामयाबी: तीन नाबालिग बच्चियां मानव तस्करों के चंगुल से मुक्त, बंगाल की मां-बेटा गिरफ्तार
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मानव तस्करी के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। नौरंगिया थाना पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) की संयुक्त कार्रवाई में तीन मासूम नाबालिग बच्चियों को तस्करों के चंगुल से सुरक्षित मुक्त करा लिया गया है।
Bagaha : बिहार के बगहा पुलिस जिले में मानव तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। नौरंगिया थाना पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने एक संयुक्त अभियान चलाकर तीन नाबालिग बच्चियों को तस्करों के चंगुल से सुरक्षित बचा लिया है। इस मामले में पुलिस ने पश्चिम बंगाल के रहने वाले मां-बेटे की जोड़ी को गिरफ्तार किया है, जो इन बच्चियों को बहला-फुसलाकर बंगाल ले जाने की फिराक में थे।
पश्चिम चंपारण के बगहा में पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए नौरंगिया थाना क्षेत्र से तीन नाबालिग बच्चियों के रेस्क्यू ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। पुलिस अधीक्षक (SP) रामानंद कुमार कौशल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि अनुसूचित जनजाति समाज की तीन बच्चियों को झांसा देकर जिले से बाहर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही नौरंगिया थानाध्यक्ष शुभम कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें जन शक्ति फाउंडेशन (NGO) का भी सहयोग लिया गया।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और तस्करी गिरोह के दो सदस्यों को रंगे हाथ दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पश्चिम बंगाल के पश्चिम वर्धमान जिले की निवासी नियोति देवी (43 वर्ष) और उसके पुत्र नागेश भुइंया (19 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस जांच में यह सामने आया कि आरोपी पिछले काफी समय से गांव में 'झाड़-फूंक' के बहाने रह रहे थे और इसी दौरान उन्होंने परिवार का विश्वास जीतकर बच्चियों को अपने जाल में फंसाया।
बचाई गई बच्चियों की उम्र मात्र 4, 6 और 12 वर्ष है। पुलिस ने आरोपियों के पास से रेलवे टिकट और मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे पूरी योजना के साथ बच्चियों को बंगाल ले जा रहे थे। एसपी ने बताया कि "काउंसलिंग के बाद बच्चियों के माता-पिता को भी अपनी गलती का अहसास हुआ कि वे अंधविश्वास और बाहरी लोगों के बहकावे में आ गए थे।"
बगहा एसपी रामानंद कौशल ने इस सफलता पर पुलिस टीम की सराहना की और आम जनता से अपील की है कि वे बाहरी व्यक्तियों के झांसे में न आएं। उन्होंने कहा कि "इस क्षेत्र में अंधविश्वास का फायदा उठाकर मानव तस्करी के मामले बढ़े हैं, इसलिए किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।" फिलहाल पुलिस गिरफ्तार मां-बेटे से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
Report - ashish, bettiah