Bihar News : बेतिया पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, 25 साल से फरार डकैत को किया गिरफ्तार, नेपाल में साधु बनकर छिपा था आरोपी
Bihar News : पश्चिम चंपारण जिले की शिकारपुर थाना पुलिस ने करीब 25 वर्षों से फरार चल रहे एक कुख्यात डकैती के आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
BETTIAH : बेतिया के शिकारपुर थाना की पुलिस ने करीब 25 साल से फरार चल रहे डकैती के आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल में साधु का वेश धारण कर अलग-अलग जगहों पर रह रहा था। वह चोरी-छिपे अपने गांव और आसपास के इलाकों में भी आता-जाता था। हाल ही में वह चमुआ चौक के पास पहुंचा था, जहां गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
2006 के डकैती कांड में था आरोपी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान शिकारपुर थाना क्षेत्र के लंगड़ा-दिउलिया गांव निवासी ठाकुर के रूप में हुई है। शिकारपुर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह के अनुसार, उसके खिलाफ बलथर थाना में वर्ष 2006 में डकैती का मामला दर्ज किया गया था। मामले में न्यायालय की ओर से उसके खिलाफ स्थायी वारंट भी जारी था। पुलिस लंबे समय से फरार वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चला रही थी। इसी दौरान सुरेंद्र ठाकुर के बारे में पुलिस को गुप्त सूचना मिली। जानकारी मिली कि वह नेपाल में रहकर साधु का वेश धारण किए हुए है और इसी पहचान के जरिए पुलिस से बचता रहा है।
चमुआ चौक पर पुलिस ने बिछाया जाल
सूचना मिलने के बाद एसआई राजेश कुमार के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने चमुआ चौक और आसपास के इलाके में निगरानी शुरू की। पुलिस के मुताबिक, सटीक सूचना के आधार पर घेराबंदी की गई और सुरेंद्र ठाकुर को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में पुराने अपराधों का जिक्र
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि डकैती की घटना के बाद वह नेपाल भाग गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपना हुलिया बदला और साधु का वेश धारण कर अलग-अलग स्थानों पर रहने लगा। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान उसने वर्ष 2001 से डकैतों के साथ रहने और कई संगीन वारदातों में शामिल होने की बात भी बताई है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और अन्य मामलों में उसकी भूमिका की पुलिस जांच कर रही है।
न्यायिक हिरासत में भेजा गया
गिरफ्तारी के बाद शिकारपुर पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब उसके आपराधिक रिकॉर्ड को खंगाल रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि लंबे समय तक फरार रहने के दौरान वह किन-किन मामलों में शामिल रहा है।