बेतिया में बाढ़ का तांडव: पूजहा-पटजिरवा मार्ग की पुलिया ध्वस्त, बैरिया प्रखंड के कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूटा

पश्चिम चंपारण के बैरिया प्रखंड के निवासियों की मुश्बितें बढ़ गई है। उनके उपर बाढ़ की दोहरी मार पड़ी है। फुलियाखाड़ बांध टूटने के बाद अब पुजहा-पटजीरवा-बेतिया मुख्य मार्ग पर पुलिया ध्वस्त होने से इस इलाके के लोगों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया..

बेतिया में बाढ़ का तांडव जारी- फोटो : आशीष

Bettiah : जिले के बैरिया प्रखंड के लोग अभी फुलियाखाड़ बांध टूटने की त्रासदी से उबर भी नहीं पाए थे कि चंद्रावत नदी के प्रचंड उफान ने एक और बड़ी तबाही ला दी है। नदी के जलस्तर और पानी के तेज दबाव के कारण बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे क्षेत्र में चारों ओर जलप्रलय जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।


छोटलाल चौक के पास पुल व नहर ढही, दो भागों में बंटा बेतिया-बैरिया

पुजहा-पटजीरवा-बेतिया मुख्य मार्ग पर स्थित छोटलाल चौक के समीप बाढ़ के पानी के भयावह वेग के आगे पुल और नहर की दीवारें टिक नहीं सकीं और भरभराकर टूट गईं। पुलिया ध्वस्त होने से बेतिया और बैरिया का आपस में संपर्क पूरी तरह कट गया है। सड़क का बड़ा हिस्सा बह जाने के कारण आवागमन पूरी तरह ठप्प हो गया है और कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है।


पतरखा और निमुइया के बीच सड़क बहने से मुख्यालय से संपर्क बाधित

संतघाट-पतजीरवा मार्ग पर पतरखा और निमुइया गांव के बीच चंद्रावत नदी के ओवरफ्लो होने से पुलिया समेत सड़क का एक विशाल हिस्सा बह गया। इसके चलते पटजीरवा माई स्थान से लेकर निमुइया तक का पूरा इलाका कट गया है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पानी के ओवरफ्लो और पुलिया टूटने से नदी के बहाव का प्राकृतिक रास्ता पूरी तरह बदल गया है, जिससे नए इलाकों में जलभराव का खतरा मंडराने लगा है।


किसानों की पकी फसल जलमग्न, हजारों एकड़ में लगी उम्मीदें डूबीं

इस आपदा में सबसे बड़ा झटका क्षेत्र के किसानों को लगा है। हजारों एकड़ में लगी धान व अन्य फसलें, जो पूरी तरह तैयार थीं और किसान जिन्हें काटने की तैयारी कर रहे थे, वे सब पल भर में बाढ़ के पानी में विलीन हो गईं। फसलों के डूबने से किसानों के सामने भुखमरी और आर्थिक तबाही का संकट खड़ा हो गया है, जिससे पीड़ित किसान खून के आंसू रोने को मजबूर हैं।


प्रशासनिक महकमा राहत और बचाव कार्य में जुटा, लोगों को सहायता का भरोसा

सड़कें टूटने और गांवों का संपर्क कटने की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और राहत दल मौके पर सक्रिय हो गए हैं। पानी के तेज बहाव के बीच प्रभावित लोगों तक सहायता पहुँचाने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास जारी है। प्रशासन की ओर से आपदा प्रभावितों को हर संभव मदद पहुँचाने और आवागमन के वैकल्पिक इंतजाम करने का आश्वासन दिया जा रहा है।


आशीष की रिपोर्ट