पश्चिम चंपारण में अटूट आस्था की अनूठी मिसाल: बेटे की गंभीर बीमारी से ठीक होने पर पिता ने सीने पर कलश रखकर की मां दुर्गा की विशेष आराधना
Bettiah : बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया अंतर्गत नौतन थाना क्षेत्र में मां दुर्गा के प्रति अटूट श्रद्धा और विश्वास की एक बेहद दुर्लभ और प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली है। नौतन प्रखंड की खड्डा पंचायत के अंतर्गत आने वाले श्रीनगर गांव (वार्ड संख्या 18) में एक पिता ने अपने बेटे की गंभीर बीमारी से सलामती की मन्नत पूरी होने पर ऐसा कठिन धार्मिक अनुष्ठान किया, जो पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है।
गंभीर रूप से बीमार था बेटा, डॉक्टरों ने भी जता दी थी चिंता
गांव निवासी सुनील कुमार के पुत्र सुमित कुमार किसी गंभीर बीमारी की चपेट में आ गए थे। परिजनों के मुताबिक, सुमित की हालत इतनी बिगड़ चुकी थी कि उन्होंने कई नामचीन चिकित्सकों से परामर्श और इलाज कराया, लेकिन डॉक्टरों ने भी उनके बचने की संभावना को लेकर गहरी चिंता जताई थी। बेटे की इस नाजुक हालत को देखकर पूरा परिवार गहरे सदमे और मानसिक परेशानी में था।
मन्नत पूरी होने पर सीने पर कलश स्थापित कर शुरू की आराधना
ऐसे अत्यंत कठिन समय में पिता सुनील कुमार ने हार नहीं मानी और मां दुर्गा के चरणों में अपने बेटे की जिंदगी की भीख मांगते हुए मन्नत मांगी। चमत्कारिक रूप से जब उनका बेटा स्वस्थ हो गया, तो अपनी मन्नत को पूरी निष्ठा के साथ उतारने के लिए उन्होंने शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर एक कठिन धार्मिक अनुष्ठान का संकल्प लिया। इसके तहत उन्होंने व्रत रखते हुए अपने सीने पर कलश स्थापित किया, उसमें जौ (खेलाई) उगाए और पूरी तन्मयता के साथ मां दुर्गा की आराधना में लीन हो गए।
क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी पिता की यह तपस्या और अटूट श्रद्धा
बेटे के स्वस्थ होने की असीम खुशी और माता रानी के प्रति उनकी गहरी व अटूट आस्था इस कठिन अनुष्ठान में साफ झलक रही है। नवरात्र के पवित्र दिनों में सामने आई यह घटना इस बात का प्रमाण है कि जब इंसान का विश्वास अटूट हो, तो असंभव भी संभव हो जाता है। यह अनूठी घटना पूरे पश्चिम चंपारण जिले में श्रद्धा, विश्वास और संकल्प की एक बड़ी मिसाल बन गई है।
आशीष की रिपोर्ट