Vikramshila Setu collapse: यात्रा से पहले सावधान! विक्रमशिला सेतु टूटने से बदला पूरा रूट मैप,भागलपुर से 16 जिलों का संपर्क कटा,प्रशासन ने जारी किया वैकल्पिक मार्ग

Vikramshila Setu collapse: जिस पुल से रोज़ाना हजारों वाहन चंद मिनटों में सफर तय करते थे, अब वही रास्ता पूरी तरह बंद हो चुका है।

यात्रा से पहले सावधान!- फोटो : reporter

Vikramshila Setu collapse: भागलपुर में कोसी और सीमांचल की लाइफलाइन माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु पर रविवार की आधी रात वह मंजर सामने आया, जिसने पूरे इलाके को दहशत और अव्यवस्था में धकेल दिया। बताया जा रहा है कि पिलर संख्या 4 और 5 के बीच का स्लैब अचानक टूटकर गंगा नदी की तेज लहरों में समा गया। देखते ही देखते यह अहम पुल ताश के पत्तों की तरह बिखर गया और उत्तर बिहार से दक्षिण बिहार का सीधा संपर्क पूरी तरह ठप हो गया।

जिस पुल से रोज़ाना हजारों वाहन चंद मिनटों में सफर तय करते थे, अब वही रास्ता पूरी तरह बंद हो चुका है। हालात यह हैं कि लोगों को अब लंबा चक्कर लगाकर घंटों की जाम और परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है। भागलपुर, बांका और झारखंड की ओर जाने वाले यात्रियों की मुश्किलें अचानक कई गुना बढ़ गई हैं।

स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश और चिंता दोनों देखने को मिल रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतने अहम पुल की सुरक्षा और मरम्मत को लेकर लापरवाही कैसे बरती गई, जिसकी कीमत अब आम जनता को भुगतनी पड़ रही है।

एक समय था जब लोग नाव और जहाज के सहारे गंगा पार करते थे, लेकिन 2001 में विक्रमशिला सेतु के बनने के बाद राहत की सांस ली गई थी। मगर महज ढाई दशक में ही यह लाइफलाइन खुद संकट में आ गई।

अब यातायात का पूरा दबाव मुंगेर रेल-सह-सड़क पुल (श्रीकृष्ण सेतु) पर आ गया है। हालांकि वहां पहले से ही ट्रैफिक का भारी दबाव है, और अब 16 जिलों का अतिरिक्त बोझ हालात को और बिगाड़ सकता है। पटना, लखीसराय, बड़हिया और खगड़िया मार्गों से होते हुए लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है, लेकिन हर तरफ लंबा जाम और भीड़ का आलम है।

जिला प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक अनावश्यक यात्रा से बचें और संभव हो तो रेलवे का इस्तेमाल करें। फिलहाल पूरे इलाके में अफरा-तफरी और चिंता का माहौल बना हुआ है।