Bihar News : बोधगया में मॉनेस्ट्री के खिलाफ होटल एसोसिएशन ने खोला मोर्चा, अवैध व्यावसायिक गतिविधियों का लगाया आरोप

GAYAJI : अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक स्थल बोधगया में इन दिनों बौद्ध मॉनेस्ट्री के संचालन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इसे लेकर बोधगया होटल एसोसिएशन ने बौद्ध मोनेस्ट्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। साथ ही मोनेस्ट्री के नाम पर अवैध तरीके से कारोबार करने एवं पैसा कमाने का आरोप लगाया है।इसे लेकर बोधगया होटल एसोसिएशन के सदस्यों के द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें बोधगया होटल एसोसिएशन से जुड़े कई पदाधिकारी शामिल हुए।  

इस दौरान बोधगया होटल एसोसिएशन के महासचिव सुदामा कुमार ने बताया कि कई बौद्ध मॉनेस्ट्री द्वारा अवैध तरीके से कारोबार किया जा रहा है। इसे लेकर पूर्व में भी हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया था।  उन्होंने बताया कि बोधगया में विभिन्न देशों द्वारा संचालित 100 से अधिक बौद्ध मॉनेस्ट्री हैं। इनमें से कई मॉनेस्ट्री धार्मिक स्थल के नाम पर अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियां चला रहे है। धर्मशाला के नाम पर हाईटेक कमरे बनाए गए है। जहां विदेशी श्रद्धालुओं को ठहराया जाता है और उनसे रकम वसूली जाती है। इस कारण हमारा होटल व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। 

उन्होंने कहा कि मॉनेस्ट्री संचालकों की मनमानी के कारण जो विदेशी पर्यटक बोधगया घूमने आते हैं, उन्हें होटल और गेस्ट हाउस में ठहराने के बजाय सीधे मॉनेस्ट्री में ठहराया जाता है। इससे बोधगया के होटल, गेस्ट हाउस और अन्य पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है और स्थानीय कारोबार लगभग ठप पड़ने की स्थिति में पहुंच गया है। बोधगया नगर परिषद के नियमों के अनुसार किसी भी मॉनेस्ट्री में अधिकतम 10 कमरे होने चाहिए। लेकिन कई मॉनेस्ट्री में 100 से अधिक कमरे बनाए गए हैं। इन कमरों में विदेशी पर्यटकों को ठहराकर उनसे मोटी रकम वसूली जा रही है, जो नियमों के विरुद्ध है। 

उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं सरकार ने जिलाधिकारी के माध्यम से कई विदेशी ट्रस्ट को जमीन उपलब्ध कराया है। कई एकड़ जमीन मोनेस्ट्री को उपलब्ध कराई गई। मगर वहां पर निर्माण कराकर जनहित में भी कोई भी कार्य नहीं किया जा रहा, यह भी जांच का विषय है। इस पूरे मामले को लेकर बोधगया होटल एसोसिएशन की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। एसोसिएशन के अनुसार हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही है और अदालत ने इस पूरे प्रकरण की जांच के आदेश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी से मांग करते हैं कि न्यायालय इस मामले में हस्तक्षेप कर अवैध निर्माण को रोके। साथ ही मॉनेस्ट्री की होने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जाये।

मनोज की रिपोर्ट