Nitish Kumar Samrddhi Yatra: गोपालगंज की सरजमीं से नीतीश ने किया विकास का शंखनाद, सीएम ने विरोधियों पर जमकर किया हमला, आधी आबादी और युवाओं पर खेला दांव
Nitish Kumar Samrddhi Yatra: बिहार की सियासत में 'समृद्धि यात्रा' के जरिए अपनी जड़ें और मज़बूत करने निकले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज गोपालगंज की सरज़मीं पर उतरे। ...
Nitish Kumar Samrddhi Yatra: बिहार की सियासत में 'समृद्धि यात्रा' के जरिए अपनी जड़ें और मज़बूत करने निकले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज गोपालगंज की सरज़मीं पर उतरे। उनके इस दौरे में जहाँ एक तरफ विकास योजनाओं की नुमाइश दिखी, वहीं दूसरी तरफ सियासी पैंतरेबाजी और विरोधियों पर तीखे लफ़्जों के तीर भी चले।
मुख्यमंत्री के दौरे का आगाज़ बतरदेह बांध के मुआयने से हुआ। यहाँ शासन की मुस्तैदी का मंज़र साफ दिखा, जहाँ 24 अलग-अलग महकमों ने अपनी उपलब्धियों के स्टॉल लगा रखे थे। नीतीश कुमार ने हर स्टॉल का बारीकी से जायजा लिया, जो इस बात की तस्दीक करता है कि सरकार जमीनी स्तर पर योजनाओं की पहुंच को लेकर कितनी संजीदा है।
इसके बाद मुख्यमंत्री का काफिला बरौली प्रखंड पहुँचा। यहाँ करोड़ों की लागत वाली विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया। निर्माणाधीन प्रखंड भवन का मुआयना करते हुए उन्होंने अफ़सरों को हिदायत दी कि काम की बारीकी और रफ्तार में कोई समझौता न हो।
जनसभा को खिताब करते हुए मुख्यमंत्री के तेवर खासे तल्ख नजर आए। लालू परिवार का नाम लिए बिना उन्होंने तंज़ कसते हुए कहा कि एक दौर वह भी था जब मुख्यमंत्री की कुर्सी को जागीर समझकर अपनी पत्नी के सुपुर्द कर दिया गया था।" उन्होंने अवाम को आगाह किया कि वे उन लोगों के बहकावे में न आएं जिन्होंने सत्ता को सिर्फ खानदानी रवायत समझा।
नीतीश कुमार ने जीविका दीदियों की कामयाबी का ज़िक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने महिलाओं को न सिर्फ आर्थिक तौर पर खुदमुख्तार बनाया है, बल्कि समाज में उन्हें एक नई पहचान भी दी है। युवाओं की बेरोज़गारी के मुद्दे पर उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी हुकूमत रोज़गार के नए अवसर पैदा करने के लिए मुसलसल कोशिश कर रही है।
रिपोर्ट- नमोनारायण मिश्रा