Bihar Born in Train: बिहार में चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी, अकेले सफर कर रही महिला ने दिया बेटी को जन्म, 45 मिनट तक रुकी रही साउथ बिहार एक्सप्रेस

Bihar Born in Train: साउथ बिहार एक्सप्रेस की एक सामान्य बोगी उस वक्त दुआओं और इंसानियत की मिसाल बन गई, जब प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक गर्भवती महिला ने चलती ट्रेन में ही एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया।

बिहार में चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी- फोटो : reporter, X

Bihar Born in Train: ज़िंदगी कब और कहाँ नई शुरुआत लिख दे, यह कोई नहीं जानता। बुधवार की सुबह साउथ बिहार एक्सप्रेस की एक सामान्य बोगी उस वक्त दुआओं और इंसानियत की मिसाल बन गई, जब प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक गर्भवती महिला ने चलती ट्रेन में ही एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। यह मार्मिक घटना झाझा स्टेशन पर सुबह करीब 6 बजे घटी, जब ट्रेन वहां खड़ी थी।

रायपुर से पटना जा रही साउथ बिहार एक्सप्रेस में सवार खुशबू कुमारी, निवासी पटना, अपने दो छोटे बच्चों के साथ अकेले सफर कर रही थीं। बताया जाता है कि जसीडीह स्टेशन पार करने के बाद उन्हें अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। दर्द बढ़ता गया और हालात ऐसे बन गए कि ट्रेन की सामान्य बोगी ही अस्थायी प्रसूति कक्ष में तब्दील हो गई।

मौके पर मौजूद महिला यात्रियों ने हिम्मत और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए खुशबू की मदद की। रेलकर्मियों ने भी तत्परता दिखाते हुए स्थिति को संभाला। इंसानियत और सहयोग की इस मिसाल के बीच सुरक्षित रूप से एक नन्हीं बेटी ने जन्म लिया। बोगी में कुछ पल के लिए सन्नाटा था, फिर नवजात की किलकारी ने माहौल को राहत और खुशी से भर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही रेल पुलिस और चिकित्सक टीम मौके पर पहुंची। जच्चा-बच्चा को तत्काल रेफरल अस्पताल झाझा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को पूरी तरह स्वस्थ बताया। इस दौरान ट्रेन करीब 45 मिनट तक झाझा स्टेशन पर रुकी रही, ताकि आवश्यक चिकित्सा सहायता सुनिश्चित की जा सके।

अस्पताल प्रशासन ने रायपुर में रह रहे खुशबू के पति को भी सूचना दे दी है। अचानक आई इस घड़ी ने एक परिवार को चिंता से खुशी में बदल दिया। सफर की थकान और तकलीफ के बीच जन्मी यह नन्हीं ज़िंदगी अब पूरे परिवार के लिए उम्मीद और रहमत का पैगाम बन गई है।

 कुमार हर्ष की रिपोर्ट