katihar news: कटिहार में मुखिया की गिरफ्तारी से बवाल, आजमनगर थाने पर उमड़े सैकड़ों समर्थक

katihar news: बिहार के कटिहार में युवक की हत्या मामले में मुखिया की गिरफ्तारी के बाद आजमनगर थाना में बवाल मच गया है। समर्थकों ने पुलिस पर राजनीतिक दबाव में कार्रवाई का आरोप लगाया है।

katihar news: बिहार के कटिहार जिले में बुधवार देर शाम उस समय तनावपूर्ण हालात बन गए, जब एक युवक की हत्या के मामले में आरोपी पंचायत मुखिया की गिरफ्तारी के बाद आजमनगर थाना परिसर के बाहर भारी हंगामा शुरू हो गया। Katihar murder case news से जुड़ी इस घटना में सैकड़ों की संख्या में मुखिया के समर्थक थाने के बाहर जमा हो गए और धरने पर बैठ गए।

प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि पुलिस ने राजनीतिक दबाव में आकर कार्रवाई की है, जबकि पुलिस प्रशासन का कहना है कि गिरफ्तारी पूरी तरह अदालत के आदेश पर की गई है।

20 वर्षीय युवक की हत्या से जुड़ा है मामला

यह पूरा मामला आजमनगर थाना क्षेत्र की बैरिया पंचायत के सिकटिया गांव से जुड़ा हुआ है। यहां बीते दिनों 20 वर्षीय युवक असद की हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद आरोपियों ने उसके शव को तालाब में फेंक दिया था। इस घटना के बाद मृतक असद के पिता ने न्यायालय में परिवाद पत्र दायर किया था। कोर्ट के निर्देश पर आजमनगर थाना में हत्या का मामला दर्ज किया गया।

70 दिन बाद कब्र से निकाला गया शव

मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने शव की दोबारा जांच के आदेश दिए। इसके बाद मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में करीब 70 दिन बाद असद का शव कब्र से निकाला गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर भेजा गया, जहां पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर जांच की दिशा और स्पष्ट हुई। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई तेज कर दी।

मुखिया अबू तालिब की गिरफ्तारी, लंबे समय से था फरार

पुलिस के अनुसार इस हत्याकांड में बैरिया पंचायत के वर्तमान मुखिया अबू तालिब को नामजद आरोपी बनाया गया था। वह काफी दिनों से फरार चल रहा था। लगातार छापेमारी के बाद आजमनगर थाना अध्यक्ष नीरज कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने उसे शिकटिया गांव से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि यह इस मामले में तीसरी गिरफ्तारी है।

गिरफ्तारी के बाद थाने पर धरना

मुखिया की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में उसके समर्थक आजमनगर थाना पहुंच गए। लोगों ने थाना परिसर के बाहर धरना शुरू कर दिया और नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मुखिया को तुरंत रिहा किया जाए और पूरे मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच कराई जाए। समर्थकों का कहना है कि वे कानून पर भरोसा रखते हैं, लेकिन राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाई को स्वीकार नहीं कर सकते।

पुलिस का जवाब और सुरक्षा व्यवस्था

पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस का कहना है कि मुखिया की गिरफ्तारी पूरी तरह कोर्ट के आदेश के आधार पर की गई है और वह हत्याकांड में नामजद आरोपी है। पुलिस ने यह भी बताया कि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए थाना परिसर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।