Bihar News : कटिहार के गोरखनाथ मंदिर में हेलीकॉप्टर से की गई पुष्पवर्षा, 'हर हर महादेव' के जयकारों से गूंजा धाम

Bihar News : कटिहार के गोरखनाथ धाम में आसमान से श्रद्धालुओं और मंदिर परिसर पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई। पहली बार हुए इस आयोजन से पूरे क्षेत्र में खासा उत्साह देखने को मिला......पढ़िए आगे

हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा - फोटो : SHYAM

KATIHAR : जिले के आजमनगर प्रखंड स्थित प्रसिद्ध व ऐतिहासिक गोरखनाथ धाम में उस समय अद्भुत और अलौकिक दृश्य देखने को मिला, जब आसमान से श्रद्धालुओं और मंदिर परिसर पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई। पहली बार हुए इस आयोजन से पूरे क्षेत्र में खासा उत्साह देखने को मिला। पुष्पवर्षा होते ही पूरा मंदिर परिसर 'हर हर महादेव' और 'बोल बम' के गगनभेदी जयकारों से भक्तिमय हो उठा और भक्तों का उत्साह चरम पर पहुंच गया।

गोरखनाथ मंदिर का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व बेहद समृद्ध है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस मन्दिर का संबंध महाभारत काल से भी जोड़ा जाता है। कहा जाता है कि अपने अज्ञातवास के दौरान पांडव इस पावन स्थल पर आए थे और उन्होंने यहां समय बिताया था। मंदिर का यह समृद्ध इतिहास दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए गहरी आस्था और श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है।

इस पावन धाम की मुख्य पहचान यहां स्थापित दुर्लभ श्वेत शिवलिंग है, जिसे लेकर भक्तों के बीच गहरी आस्था जुड़ी है। लोक मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से भोलेनाथ के इस श्वेत शिवलिंग पर जलाभिषेक करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं। सावन माह और महाशिवरात्रि के अलावा सामान्य दिनों में भी यहां जलाभिषेक के लिए भक्तों का भारी तांता लगा रहता है।

बिहार पर्यटन विभाग के मानचित्र पर खास पहचान रखने वाले इस ऐतिहासिक मंदिर के कायाकल्प की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया गया है। पर्यटन विभाग द्वारा लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से गोरखनाथ मंदिर और उसके संपूर्ण परिसर का भव्य सौंदर्यीकरण व जीर्णोद्धार कार्य कराया जा रहा है, जिससे आने वाले समय में यहां पर्यटन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं में बड़ा विस्तार होगा। हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा और मंदिर के विकास कार्यों को लेकर स्थानीय ग्रामीणों, मंदिर समिति और दूर-दराज से पहुंचे शिवभक्तों में जबरदस्त खुशी और उत्साह का माहौल है। श्रद्धालुओं का कहना है कि पुष्पवर्षा से न केवल मंदिर का गौरव बढ़ा है, बल्कि इस ऐतिहासिक धरोहर को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान भी मिली है।

श्याम की रिपोर्ट