Bihar Police: कटिहार जंक्शन पर कानून का नया हथियार, सेगवे पर सवार आरपीएफ, बदमाशों की नापाक हरकतों पर कसेगा शिकंजा
Bihar Police: कटिहार जंक्शन जिसे एन.एफ. रेलवे मंडल का अहम जंक्शन और उत्तर भारत का प्रवेश द्वार कहा जाता है अब अपराधियों के लिए पहले जैसा आसान मैदान नहीं रहा।
Bihar Police: कटिहार जंक्शन जिसे एन.एफ. रेलवे मंडल का अहम जंक्शन और उत्तर भारत का प्रवेश द्वार कहा जाता है अब अपराधियों के लिए पहले जैसा आसान मैदान नहीं रहा। प्लेटफॉर्म पर जेबकतरों, उचक्कों और संदिग्धों की हरकतों पर नज़र रखने वाली आरपीएफ ने सुरक्षा का ऐसा तीर-ए-आजम निकाला है, जो चंद पलों में पूरे स्टेशन का चक्कर काट देगा। अब आरपीएफ सेगवे उपकरण से लैस हो चुकी है बैटरी से चलने वाला यह बाइक-नुमा साधन कम वक्त में लंबी दूरी तय कर सकता है, जिससे सुरक्षा का रिस्पॉन्स फौरन और सटीक होगा।
कटिहार स्टेशन पर कई अहम ट्रेनें महज़ कुछ मिनट रुकती हैं। ऐसे में ट्रेन के एक छोर से दूसरे छोर तक निगरानी रखना आरपीएफ के लिए हमेशा से चुनौती रहा है। अपराध की दुनिया में मौके का फायदा उठाने वाले तत्व इसी कमी की ताक में रहते थे। मगर अब सेगवे की रफ्तार और फुर्ती से आरपीएफ प्लेटफॉर्म के हर कोने, हर डिब्बे और हर संदिग्ध पर पैनी नज़र रख सकेगी। इसकी ऊंचाई और स्थिरता की वजह से ट्रेन के भीतर-बाहर बैठे यात्रियों की गतिविधियों पर भी निगरानी आसान हो गई है।
आरपीएफ सूत्रों के मुताबिक, सेगवे से न सिर्फ पेट्रोलिंग तेज होगी, बल्कि शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई भी मुमकिन होगी। किसी यात्री के साथ बदसलूकी, चोरी-चकारी, या संदिग्ध हरकत की खबर आते ही जवान मिनटों में मौके पर पहुंच सकेंगे। यह कदम अपराधियों के लिए साफ पैगाम है अब प्लेटफॉर्म पर पलक झपकते वार का दौर खत्म।
यात्रियों के लिहाज़ से यह पहल राहत की सांस है। भीड़भाड़, कम ठहराव और तेज आवाजाही के बीच सुरक्षा का भरोसा मजबूत हुआ है। आरपीएफ का कहना है कि सेगवे के साथ समन्वित चेकिंग, सीसीटीवी मॉनिटरिंग और ग्राउंड पेट्रोलिंग को और धार दी जाएगी। कुल मिलाकर, कटिहार जंक्शन पर कानून की सवारी अब तेज है और बदमाशों की राह तंग।
रिपोर्ट- श्याम कुमार सिंह