Bihar News : मुजफ्फरपुर में सिस्टम की बड़ी लापरवाही, जीवित वृद्ध महिला को कागजों में घोषित किया 'मृत', बंद हुई पेंशन

Bihar News : मुजफ्फरपुर में सरकारी विभाग का अनोखा कारनामा. जिंदा महिला को मृत बता कर सरकारी लाभ से किया वंचित तो पीड़िता ने कहा- साहब अभी तो मैं जिन्दा हूँ.....पढ़िए आगे

जिन्दा महिला को घोषित किया मृत - फोटो : MANIBHUSHAN

MUZAFFARPUR : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र से सरकारी तंत्र की घोर लापरवाही का एक अजीबोगरीब और बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक 75 वर्षीय जीवित वृद्ध महिला को विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की गलती के कारण कागजों में मृत घोषित कर दिया गया है। विभाग की इस गंभीर लापरवाही के बाद पीड़ित महिला को मिलने वाले तमाम सरकारी लाभों पर तुरंत रोक लगा दी गई है।

यह मामला ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के संजय सिनेमा रोड की रहने वाली वृद्ध विधवा महिला पवितर देवी से जुड़ा हुआ है। पवितर देवी को जिंदा रहते हुए कागजों पर 'मृत' दिखा दिए जाने के कारण उन्हें हर महीने मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा वृद्धा पेंशन की राशि से अचानक वंचित होना पड़ा है। बढ़ती उम्र में जीवन-यापन का एकमात्र सहारा छिन जाने के कारण वृद्ध महिला के सामने अब आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।

कागजों पर खुद को दोबारा जिंदा साबित करने के लिए यह असहाय वृद्ध महिला पिछले कई महीनों से सरकारी कार्यालयों और अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रही है। लगातार दौड़-भाग करने के बाद भी जब अधिकारियों ने उनकी सुध नहीं ली, तो महिला काफी परेशान और मानसिक रूप से टूट चुकी हैं। अपनी आपबीती सुनाते हुए वृद्ध महिला ने मायूसी के साथ बताया कि कार्यालयों ने उन्हें मृत मान लिया है, जिस कारण वह अब समाज में एक 'जिंदा भूत' बनकर रह गई हैं।

सरकारी व्यवस्था से पूरी तरह थक-हारकर पीड़ित महिला ने अब कानूनी रास्ता अख्तियार किया है। उन्होंने मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के.झा के माध्यम से इस घोर लापरवाही के खिलाफ मानवाधिकार आयोग में दो अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की हैं। मामले को लेकर मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के.झा ने कहा कि यह पूरा प्रकरण बेहद हास्यास्पद और दुखद है, क्योंकि एक जीवित महिला को मृत बताकर उसकी वृद्धा पेंशन रोक देना सीधे तौर पर मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है।

इस गंभीर मामले के संबंध में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली और बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग, पटना को लिखित रूप से सूचित कर दिया गया है। याचिकाओं के माध्यम से आयोग से अनुरोध किया गया है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तुरंत उचित और कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित वृद्ध महिला पवितर देवी को जल्द से जल्द न्याय और उनका हक मिल सके।

मणिभूषण की रिपोर्ट