Dharmendra Pradhan Resignation:धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर JDU ने रखा पक्ष, कहा- दबाव में नहीं, युवाओं के हित में लिया फैसला
पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर JDU प्रवक्ता अंजुम आरा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने साफ कहा कि यह फैसला किसी राजनीतिक दबाव में झुकना नहीं, बल्कि छात्रों और युवाओं के सम्मान में लिया गया निर्णय है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अचानक इस्तीफे के बाद जनता दल यूनाइटेड (JDU) की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता अंजुम आरा ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार हमेशा छात्रों और युवाओं के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। इसी सोच और प्रतिबद्धता के तहत यह फैसला लिया गया है।
इस्तीफे में झलका छात्रों के प्रति समर्पण
जेडीयू प्रवक्ता ने धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल और उनके इस्तीफे के पत्र का जिक्र करते हुए उनके काम की सराहना की। अंजुम आरा ने कहा कि पूर्व शिक्षा मंत्री ने अपने पत्र में बेहद भावनात्मक बातें लिखी हैं। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में पूरी ईमानदारी और निष्ठा से काम किया है। छात्रों के प्रति उनका समर्पण सम्मान के योग्य है और उनके इस कदम को इसी दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए।
विपक्ष के दबाव में झुकने के दावों को खारिज किया
जेडीयू ने विपक्ष के उन आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद और गलत करार दिया, जिसमें कहा जा रहा है कि सरकार विपक्षी दबाव के आगे झुक गई है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि एनडीए सरकार किसी राजनीतिक दबाव में काम नहीं करती। यह कदम किसी मजबूरी या दबाव का नतीजा नहीं है, बल्कि सरकार की पारदर्शी और जिम्मेदार कार्यशैली को दर्शाता है।
झुकना नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाने का निर्णय
पार्टी की ओर से दोहराया गया कि धर्मेंद्र प्रधान का यह कदम किसी भी तरह का राजनीतिक समर्पण नहीं है। जेडीयू ने कहा कि छात्रों और युवाओं के सम्मान को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया गया है, इसलिए इसे सरकार का बैकफुट पर आना या झुकना बिल्कुल नहीं माना जाना चाहिए। एनडीए सरकार आगे भी युवाओं और छात्रों के हित में इसी तरह कड़े और पारदर्शी फैसले लेती रहेगी।