जन सुराज का नेता हुआ गिरफ्तार, गलत AI वीडियो के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के ऑडियो और वीडियो को अपने इंस्टाग्राम पर किया था वायरल

एआई (AI) तकनीक का दुरुपयोग कर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर आसीन राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के फर्जी वीडियो व ऑडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले एक अपराधी को गिरफ्तार किया है।

Muzaffarpur - पुलिस ने एआई (AI) तकनीक का दुरुपयोग कर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर आसीन राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के फर्जी वीडियो व ऑडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले एक अपराधी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में प्रयुक्त मोबाइल भी बरामद किया है ।

संवैधानिक गरिमा को ठेस पहुँचाने की कोशिश

शुक्रवार को मुजफ्फरपुर पुलिस को सूचना मिली कि सोशल मीडिया पर माननीय राष्ट्रपति और माननीय प्रधानमंत्री महोदय के नाम, स्वरूप और आवाज का दुरुपयोग कर एआई तकनीक से एडिटेड फर्जी वीडियो वायरल किए जा रहे हैं । पुलिस के अनुसार, इस फर्जी डिजिटल सामग्री का मुख्य उद्देश्य आम जनता में भ्रम फैलाना, संवैधानिक पदों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाना और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करना था ।

विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों पर की कार्रवाई

मामले की संवेदनशीलता और सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक (साइबर) के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई । इस टीम ने तकनीकी साक्ष्य संकलित करते हुए त्वरित कार्रवाई की और घटना में संलिप्त मुख्य आरोपी को दबोच लिया ।

आरोपी की पहचान और बरामदगी

गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान प्रमोद कुमार राज (पिता- नागेन्द्र सहनी) के रूप में हुई है, जो मुजफ्फरपुर जिले के बोचहाँ थाना अंतर्गत भगवानपुर बोचहाँ का निवासी है । पुलिस ने उसके पास से वह मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है, जिसका इस्तेमाल वह एआई जनरेटेड फर्जी कंटेंट बनाने और उसे वायरल करने के लिए कर रहा था ।

साइबर थाने में मामला दर्ज

इस पूरे प्रकरण को लेकर साइबर थाना कांड संख्या 01/26 दर्ज किया गया है । पुलिस फिलहाल आरोपी के आपराधिक इतिहास का पता लगा रही है और यह जांच की जा रही है कि क्या वह किसी बड़े साइबर सिंडिकेट या राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से तो नहीं जुड़ा था ।

Report - manibhushan sharma