Bihar News : मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड में मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई सात, इलाज के दौरान एक और मरीज ने तोड़ा दम

Bihar News : मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड में 7 वीं मौत हो गयी है. जबकि अन्य घायल 16 मरीजों का अब भी अलग अलग अस्पताल में इलाज चल रहा है.....पढ़िए आगे

अस्पताल अग्निकांड में 7 वीं मौत - फोटो : MANIBHUSHAN

MUZAFFARPUR : बिहार के मुजफ्फरपुर जिला स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में हुए भीषण अग्निकांड के जख्म अभी हरे ही थे कि इस हादसे से जुड़ी एक और बेहद दुखद खबर सामने आई है। अस्पताल में लगी आग के बाद रेस्क्यू कर दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती कराए गए एक और मरीज ने दम तोड़ दिया है। इस नई मौत के बाद प्रसाद हॉस्पिटल अग्निकांड मामले में जान गंवाने वाले लोगों की कुल संख्या अब बढ़कर 7 हो गई है।

आईसीयू में भर्ती थे मृतक अंजनी कुमार सिंह

ताजा मामले में जान गंवाने वाले मरीज की पहचान अंजनी कुमार सिंह के रूप में की गई है। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, हादसे के वक्त अंजनी कुमार सिंह प्रसाद हॉस्पिटल के अत्यंत संवेदनशील विभाग आईसीयू (ICU) में भर्ती थे और उनका गंभीर स्थिति में इलाज चल रहा था। आग लगने के बाद दम घुटने और अफरातफरी के बीच उन्हें आनन-फानन में शहर के ही एक दूसरे निजी अस्पताल में शिफ्ट किया गया था, जहां डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

16 घायल मरीजों का इलाज जारी, प्रशासन मुस्तैद

इस दर्दनाक हादसे के बाद से प्रशासनिक और स्वास्थ्य अमला पूरी तरह अलर्ट पर है। ताजा अपडेट के मुताबिक, अग्निकांड में झुलसे और धुएं के कारण बीमार हुए कुल 16 अन्य मरीजों का इलाज अभी भी मुजफ्फरपुर के अलग-अलग सरकारी और निजी अस्पतालों में चल रहा है। डॉक्टरों की विशेष टीमें इन घायल मरीजों की चौबीसों घंटे निगरानी कर रही हैं, जिनमें से कुछ की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।

जांच कमेटी खंगाल रही है सुरक्षा में चूक के कारण

प्रसाद हॉस्पिटल में हुए इस अग्निकांड के बाद स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के निर्देश पर गठित उच्च स्तरीय जांच कमेटी मामले की बारीकी से तफ्तीश कर रही है। शुरुआती जांच में अस्पताल के भीतर फायर सेफ्टी मानकों (Fire Safety Norms) की अनदेखी और आपातकालीन निकास (Emergency Exit) की व्यवस्था न होने जैसी गंभीर कमियां सामने आ रही हैं, जिसके आधार पर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

परिजनों में कोहराम, मुआवजे और इंसाफ की मांग

जैसे ही अंजनी कुमार सिंह की मौत की खबर उनके घर पहुंची, परिजनों में कोहराम मच गया और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। इस हादसे ने एक बार फिर निजी अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों में अस्पताल प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। पीड़ित परिवारों ने सरकार से दोषी अस्पताल प्रबंधन की जल्द गिरफ्तारी, कड़ी सजा और उचित मुआवजे की मांग की है।

मणिभूषण की रिपोर्ट