बिहार में आज बड़ा आयोजन, राष्ट्रपति मुर्मू की मौजूदगी में होगा अंतरराष्ट्रीय दीक्षांत समारोह, मेधावी छात्रों को देंगी डिग्री

Bihar News: बिहार की सरज़मीं आज एक ऐतिहासिक और सियासी एहमियत वाले लम्हे की गवाह बनने जा रही है।

बिहार में आज बड़ा आयोजन- फोटो : social Media

Bihar News: बिहार की सरज़मीं आज एक ऐतिहासिक और सियासी एहमियत वाले लम्हे की गवाह बनने जा रही है। मुल्क की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एक दिन के दौरे पर नालंदा पहुंच रही हैं, जहां वह अंतरराष्ट्रीय नालंदा विश्वविद्यालय के दूसरे दीक्षांत समारोह में शिरकत करेंगी। यह सिर्फ़ एक अकादमिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन विरासत और आधुनिक कूटनीति का संगम भी माना जा रहा है।

राष्ट्रपति राजगीर स्थित नालंदा विश्वविद्यालय के भव्य समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर मेधावी विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान करेंगी। इस मौके पर 31 देशों से आए 617 छात्र-छात्राएं मौजूद रहेंगे, जो इस आयोजन को वैश्विक रंग दे रहे हैं। साथ ही “विश्वमित्रालय सभागार” का उद्घाटन भी इस ऐतिहासिक दिन की खास पेशकश होगा।

अपने दौरे के दौरान राष्ट्रपति विश्व प्रसिद्ध नालंदा महाविहार के खंडहर के भग्नावशेषों का भी दीदार करेंगी। ये वही धरती है, जहां कभी ज्ञान की रोशनी पूरी दुनिया को रौशन करती थी। अब एक बार फिर उसी विरासत को नए दौर में जिंदा करने की कोशिश की जा रही है।

इस हाई-प्रोफाइल दौरे को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं। नालंदा के साथ-साथ गया, पटना, जहानाबाद समेत आठ से अधिक जिलों से करीब ढाई हजार पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की तैनाती की गई है। हर कोना सुरक्षा के घेरे में है, ताकि कार्यक्रम बिना किसी रुकावट के मुकम्मल हो सके।

समारोह में एस जयशंकर, गवर्नर सैयद अता हसनैन और कुलपति प्रो. सचिन चतुर्वेदी समेत कई नामचीन शख्सियतें शामिल होंगी। साथ ही बिहार संग्रहालय के सहयोग से बौद्ध विरासत पर एक ख़ास नुमाइश भी लगाई गई है, जो मेहमानों को इतिहास के सुनहरे दौर से रूबरू कराएगी।

आज नालंदा सिर्फ़ एक समारोह का मंच नहीं, बल्कि सियासत, संस्कृति और इतिहास के संगम का प्रतीक बन चुका है जहां अतीत की गूंज और भविष्य की आहट एक साथ सुनाई दे रही है।

रिपोर्ट- राज पाण्डेय