शहादत को सलाम: लेह की दुर्गम पहाड़ियों पर तैनात नालंदा के लाल सूबेदार सुमन सिंह का निधन, 14 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि
लेह में तैनात नालंदा के वीर सपूत सूबेदार सुमन कुमार सिंह का बीमारी के कारण निधन। 14 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि। मंत्री श्रवण कुमार ने दी श्रद्धांजलि। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
Nalanda -- देश की सीमाओं की रक्षा में नालंदा के एक और वीर सपूत ने अपनी शहादत दे दी है। लेह-सियाचिन की दुर्गम और बर्फीली पहाड़ियों पर तैनात सूबेदार सुमन कुमार सिंह का इलाज के दौरान निधन हो गया। शनिवार को जब उनका पार्थिव शरीर नूरसराय प्रखंड के उनके पैतृक गांव मोकरमपुर पहुंचा, तो पूरा इलाका "सुमन सिंह अमर रहें" और "भारत माता की जय" के नारों से गूंज उठा।
कर्तव्य पथ पर बीमारी से लड़ी अंतिम जंग
45 वर्षीय सूबेदार सुमन कुमार सिंह लेह के कठिन वातावरण में देश की सेवा कर रहे थे। अत्यधिक ठंड और विषम परिस्थितियों के बीच वे पीलिया (जॉन्डिस) की चपेट में आ गए, जो बाद में पैरालिसिस और ब्लड कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में बदल गया。 कमांड हॉस्पिटल में डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद, 26 मार्च की शाम इस वीर योद्धा ने अंतिम सांस ली।
परिजनों का बुरा हाल, सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई
शहीद का पार्थिव शरीर घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। पत्नी नीलम देवी और वृद्ध मां चिंता देवी का रो-रोकर बुरा हाल था。 शहीद की दोनों बेटियां और दो छोटे बेटे स्तब्ध खड़े अपने पिता को निहारते रहे。 उनके छोटे भाई विकास कुमार सिंह भी सीआईएसएफ में तैनात हैं। शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए छतों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
मंत्री श्रवण कुमार ने दी श्रद्धांजलि, 'शहीद स्थल' की मांग
बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की और परिवार को हर संभव सरकारी सहायता का आश्वासन दिया。 वहीं, शहीद के चचेरे भाई ने उनकी स्मृति में गांव में एक ‘शहीद स्थल’ या ‘शहीद यात्री शेड’ बनाने की मांग की है, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनकी वीरता से प्रेरणा ले सकें।
Report - Pranay raj