नवादा कांग्रेस में बगावत: नए जिलाध्यक्ष प्रभाकर झा के खिलाफ सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता, 'भाजपा एजेंट' होने का लगाया आरोप

Nawada Congress District President Controversy - नवादा में कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रभाकर झा की नियुक्ति पर बवाल। स्थानीय नेताओं ने बताया 'भाजपा एजेंट', सामूहिक इस्तीफे और भूख हड़ताल की दी चेतावनी। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

Nawada -  बिहार के नवादा जिले में कांग्रेस की अंदरूनी कलह सतह पर आ गई है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा प्रभाकर कुमार झा को नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किए जाने के फैसले ने पार्टी के भीतर दो फाड़ कर दिए हैं। स्थानीय नेताओं के एक गुट ने इस नियुक्ति के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए शहर के भीमराव अंबेडकर प्रतिमा के समीप जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बैनर और नारों के साथ प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय नेतृत्व से इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की है।

एजाज अली मुन्ना का कड़ा रुख: 'भाजपा एजेंट' होने का दावा

विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता एजाज अली मुन्ना ने नवनियुक्त अध्यक्ष प्रभाकर झा पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। मुन्ना ने सार्वजनिक रूप से झा को 'भाजपा का एजेंट' करार देते हुए दावा किया कि वे पिछले 14 वर्षों से कांग्रेस के किसी भी सक्रिय कार्यक्रम या आंदोलन में नजर नहीं आए हैं। विरोध कर रहे नेताओं का तर्क है कि जमीन पर काम करने वाले पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर एक निष्क्रिय व्यक्ति को कमान सौंप दी गई है।

सामूहिक इस्तीफे और भूख हड़ताल की चेतावनी

पार्टी में बढ़ते असंतोष के बीच विरोधियों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। एजाज अली मुन्ना ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे ऐसे नेतृत्व के साथ काम करने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने आंदोलन की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि आज केवल विरोध प्रदर्शन हुआ है, लेकिन कल से धरना दिया जाएगा। यदि मांग पूरी नहीं हुई तो कार्यकर्ता भूख हड़ताल पर बैठेंगे और अंत में पार्टी से सामूहिक इस्तीफा देकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।

समर्थकों में उत्साह: युवा चेहरे से नई ऊर्जा की उम्मीद

एक तरफ जहां विरोध की आग है, वहीं दूसरी ओर कार्यकर्ताओं का एक बड़ा वर्ग प्रभाकर झा की नियुक्ति को संगठन के लिए 'बूस्टर डोज' मान रहा है। झा लंबे समय से युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष के रूप में सक्रिय रहे हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि उनकी नियुक्ति से नवादा में युवाओं का जुड़ाव पार्टी से बढ़ेगा। पटना में भी उनका भव्य स्वागत किया गया, जहां प्रदेश नेतृत्व ने उन्हें जिले में संगठन को नई धार देने वाला ऊर्जावान नेता बताया।

प्रदेश नेतृत्व की सूची और भविष्य की चुनौती

बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने हाल ही में राज्य के 53 जिलों के अध्यक्षों की बहुप्रतीक्षित सूची जारी की थी, जिसमें नवादा की जिम्मेदारी प्रभाकर झा को सौंपी गई। हालांकि, नियुक्ति के साथ ही शुरू हुई इस 'आंतरिक जंग' ने पार्टी की एकजुटता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व इस विरोध को शांत करने के लिए क्या कदम उठाता है या नवादा कांग्रेस में यह दरार और गहरी होती जाएगी।

Report - aman sinha