Bihar News: छात्र का शव मिलने के बाद भी नहीं थमा बवाल, स्कूल के खिलाफ सड़क पर आगजनी
Bihar News: हॉस्टल से लापता आठवीं कक्षा के 15 वर्षीय छात्र आनंद कुमार का शव शनिवार सुबह पंचाने नदी से बरामद होने के बाद भी परिजनों का गुस्सा शांत नहीं हुआ।
Bihar News: नालंदा जिले में हॉस्टल से लापता आठवीं कक्षा के 15 वर्षीय छात्र आनंद कुमार का शव शनिवार सुबह पंचाने नदी से बरामद होने के बाद भी परिजनों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। छात्र की मौत से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर जमकर हंगामा किया। इस दौरान आगजनी कर सड़क जाम कर दिया गया। प्रदर्शनकारी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े रहे। घटना के दूसरे दिन भी इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
मामला दीपनगर थाना क्षेत्र के कोसुक स्थित सनबीम सेंट्रल स्कूल का है। मृतक छात्र आनंद कुमार पटना जिले के अथमलगोला थाना क्षेत्र के बुढ़रा गांव का निवासी था। शुक्रवार को हॉस्टल से उसके लापता होने की सूचना सामने आई थी। इसके बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। शनिवार सुबह पंचाने नदी से शव मिलने की खबर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया और ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा।
स्कूल प्रबंधन की भूमिका पर उठे सवाल
छात्र के पिता आलोक राज ने स्कूल प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिजनों का कहना है कि हॉस्टल में सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था होने के बावजूद आनंद बाहर कैसे निकला, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने स्कूल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों का फुटेज दिखाने और घटना से जुड़े सभी तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग की है।
परिजनों ने यह आरोप भी लगाया है कि करीब तीन महीने पहले शिक्षकों ने आनंद की पिटाई की थी। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। परिवार का कहना है कि छात्र के लापता होने से लेकर नदी से शव मिलने तक के घटनाक्रम की बारीकी से जांच की जानी चाहिए, ताकि मौत के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां सामने आ सकें।
पहले भागने, फिर नदी में डूबने की मिली सूचना
परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे वे आनंद को हॉस्टल में छोड़कर घर लौट रहे थे। लगभग एक घंटे बाद स्कूल के प्रिंसिपल धीरज का फोन आया। पिता का आरोप है कि बातचीत के दौरान पहले छात्र द्वारा एक लड़की को फोटो भेजने और लड़की के जहर खाने की बात बताई गई। इसके बाद उन्हें आनंद के हॉस्टल से भागने और फिर पंचाने नदी में डूबने की सूचना दी गई। बताया जाता है कि स्कूल के पीछे नदी किनारे छात्र की टी-शर्ट मिली थी। इस घटनाक्रम ने परिजनों की चिंता और संदेह को बढ़ा दिया। परिवार अब यह जानना चाहता है कि आनंद किन परिस्थितियों में हॉस्टल से बाहर निकला और नदी तक कैसे पहुंचा। इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही मिल सकेगा।
गोताखोरों और एसडीआरएफ ने की तलाश
छात्र के लापता होने के बाद शुक्रवार को उसकी खोजबीन के लिए स्थानीय गोताखोरों के साथ एसडीआरएफ की टीम को भी लगाया गया था। लगातार तलाश के बाद शनिवार सुबह पंचाने नदी से उसका शव बरामद हुआ। शव मिलने के बाद परिजनों का आक्रोश और तेज हो गया। ग्रामीणों ने सड़क पर आगजनी कर आवागमन बाधित किया और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।
पुलिस की जांच जारी, पूछताछ में जुटे अधिकारी
दीपनगर थाने की पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। स्कूल प्रबंधन से पूछताछ की जा रही है और घटना से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों, हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था और छात्र के लापता होने के घटनाक्रम की जांच अहम मानी जा रही है। फिलहाल आनंद कुमार की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह स्पष्ट नहीं है। पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी। परिजन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं और मामले में आधिकारिक जांच के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है।
रिपोर्ट- राज पाण्डेय