Bihar News : ‘हमारा बिहार हमारी सड़क’ ऐप का कमाल, 96 फीसदी ग्रामीण सड़क शिकायतों का हुआ ऑन-द-स्पॉट निपटारा, गयाजी जोन रहा अव्वल

Bihar News : ऐप के माध्यम से विभाग को कुल 3,213 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें से कुल 3,102 शिकायतों का निष्पादन किया जा चुका है। इस प्रकार 96 प्रतिशत से भी अधिक मामलों का समयबद्ध समाधान हो गया......पढ़िए आगे

शिकायतों का निपटारा - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : ग्रामीण कार्य विभाग बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में बारहमासी सड़क संपर्कता सुनिश्चित करने के साथ-साथ ग्रामीण सड़कों से जुड़ी शिकायतों के निष्पादन को लेकर बेहद गंभीर है। विभाग के स्तर से संचालित “हमारा बिहार हमारी सड़क” ऐप अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रहा है। इस डिजिटल पहल के माध्यम से ग्रामीण जनता अब सीधे तौर पर अपने क्षेत्र की ग्रामीण सड़कों से संबंधित समस्याओं की जानकारी विभाग को उपलब्ध करा रही है। इन शिकायतों का विभाग द्वारा त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि राज्यभर में ऐप के माध्यम से विभाग को कुल 3,213 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें से विभाग के स्तर से त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल 3,102 शिकायतों का सफलता पूर्वक निष्पादन किया जा चुका है। इस प्रकार 96 प्रतिशत से भी अधिक मामलों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा चुका है। प्राप्त शिकायतों में से 2,476 मामलों में आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जा चुकी है। इन शिकायतों के तहत संबंधित ग्रामीण सड़कों की मरम्मत, सतह सुधार, गड्ढा भराई तथा अन्य अनुरक्षण कार्य सुनिश्चित किये गए हैं। इसके अतिरिक्त 626 शिकायतों की विस्तृत जांच एवं सत्यापन के बाद उन्हें विधिवत बंद किया गया है। इन त्वरित प्रयासों के परिणामस्वरूप वर्तमान में राज्यभर में मात्र 111 शिकायतें ही लंबित हैं, जो कुल शिकायतों का महज 3.45 प्रतिशत है। 

प्रमंडलवार शिकायतों के निष्पादन के मामले में गयाजी जोन का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा है, जहां सबसे कम 2.11 प्रतिशत शिकायतें फिलहाल लंबित हैं। यहां प्राप्त कुल 426 शिकायतों में से 417 का समाधान किया जा चुका है। वहीं, पटना जोन में मात्र 2.63 प्रतिशत शिकायतें लंबित हैं। इसके अलावा सर्वाधिक 721  शिकायतें प्राप्त करने वाले मुजफ्फरपुर जोन में भी 693 मामलों का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो चुका है। 

“हमारा बिहार हमारी सड़क” ऐप ने विभाग और ग्रामीण जनता के बीच संवाद को अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाया है। अब सुदूर गांवों में रहने वाला आम नागरिक भी मोबाइल के माध्यम से ग्रामीण सड़कों व पुलों से संबंधी समस्या की सूचना सीधे विभाग तक दे सकता है। इससे न केवल विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही तय हुई है, बल्कि ग्रामीण सड़क अनुरक्षण कार्यों की निगरानी में भी आम जनता की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हुई है।