SC/ST अत्याचार निवारण समिति की बैठक : पीड़ितों को समय पर मुआवजा देने का डीएम का निर्देश, चार्जशीट में तेजी लाने पर जोर
Supaul : सुपौल समाहरणालय स्थित कार्यालय वेश्म में गुरुवार को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पीड़ितों को मिलने वाली कानूनी व आर्थिक सहायता तथा विभिन्न थानों में लंबित कांडों की गहन समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पीड़ित परिवारों को न्याय और सहायता पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
समय सीमा के भीतर मुआवजा राशि भुगतान करने का आदेश
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिला कल्याण पदाधिकारी को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत आने वाले पीड़ितों को निर्धारित समय सीमा के भीतर मुआवजा एवं अन्य देय सरकारी सुविधाओं का लाभ हर हाल में उपलब्ध कराया जाए। समीक्षा के क्रम में पुलिस अधीक्षक कार्यालय से प्राप्त विभिन्न मुआवजा प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया और जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें तुरंत प्रशासनिक स्वीकृति भी प्रदान की गई।
गवाहों को समय पर मिलेगा यात्रा और दैनिक भत्ता
न्यायिक प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए बैठक में विशेष लोक अभियोजक (स्पेशल पीपी) को विशेष निर्देश जारी किए गए। उनसे कहा गया कि न्यायालय में आने वाले गवाहों को नियमानुसार यात्रा भत्ता और दैनिक भत्ता उपलब्ध कराने के लिए उनकी सूची, बैंक पासबुक, पहचान पत्र (जैसे [Aadhaar Redacted] आदि) एवं गवाही की तिथि संबंधी आवश्यक जानकारी जिला कल्याण पदाधिकारी को समय पर भेजें, ताकि भुगतान में किसी प्रकार का विलंब न हो।
हत्या के मामलों में अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया तेज करने पर जोर
बैठक में अत्याचार के गंभीर मामलों, विशेषकर हत्या से जुड़े कांडों की स्थिति पर विशेष रूप से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों में न्यायालय द्वारा आरोप गठन (चार्ज फ्रेम) होने के बाद नियमानुसार पीड़ित परिवार के आश्रितों को सरकारी नौकरी या नियुक्ति संबंधी कार्रवाई को त्वरित गति से आगे बढ़ाया जाए। सरकार के नियमों के तहत मिलने वाली इस राहत से पीड़ित परिवारों को संबल मिल सकेगा।
समय पर चार्जशीट दाखिल करने के लिए थानों को निर्देश
लंबित आपराधिक मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी सावन कुमार ने बैठक में मौजूद पुलिस अधीक्षक शरथ आर एस से आग्रह किया कि वे संबंधित थानाध्यक्षों को समय पर अंतिम आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल कराने का निर्देश दें। बैठक में उप विकास आयुक्त सारा अशरफ, जिला कल्याण पदाधिकारी और समिति के सदस्य चंदन पासवान सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। अंत में डीएम ने सभी सदस्यों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस अधिनियम के तहत मिलने वाले लाभों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें ताकि शोषितों को जागरूक किया जा सके।
विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट