सुरक्षित पटना के गाल पर तमाचा:DM आवास के पास बदमाशों का तांडव,छात्र की बेरहमी से पिटाई और लूटपाट
पटना के गांधी मैदान का इलाका, जहां चौबीसों घंटे पुलिस की गश्त और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी का दावा किया जाता है,डीएम आवास के पास पिस्टल के बल पर एक इंजीनियरिंग छात्र के साथ मारपीट की और उससे हजारों रुपये लूट लिए
बिहार की राजधानी में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब उन्हें पुलिस और प्रशासन का रत्ती भर भी खौफ नहीं रहा। नया साल खुशियों की जगह एक इंजीनियरिंग छात्र के लिए खौफनाक याद बन गया। चौंकाने वाली बात यह है कि यह वारदात कहीं दूर-दराज के इलाके में नहीं, बल्कि पटना के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले 'हाई-सिक्योरिटी जोन' यानी DM आवास से चंद कदमों की दूरी पर हुई।
सुरक्षा के दावों की खुली पोल
गांधी मैदान का इलाका, जहां चौबीसों घंटे पुलिस की गश्त और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी का दावा किया जाता है, वहां 15-20 की संख्या में अपराधी गाड़ियों से आते हैं और 10 मिनट तक एक छात्र को हॉकी स्टिक और रॉड से पीटते रहते हैं। सवाल यह उठता है कि जिस इलाके में राज्य के बड़े अधिकारी और वीआईपी रहते हैं, वहां अपराधियों ने इतनी लंबी वारदात को अंजाम कैसे दिया? क्या पुलिस की गश्ती गाड़ियां उस वक्त गहरी नींद में थीं?
वीआईपी इलाके में बदमाशों का तांडव
समस्तीपुर का रहने वाला पीड़ित छात्र निवेदन कुमार मुसल्लहपुर इलाके में रहकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई करता है। 1 जनवरी की देर रात वह अपने दो दोस्तों के साथ बाइक पर सवार होकर शहर घूम रहा था। जैसे ही वे गांधी म्यूजियम के पास पहुंचे, स्कॉर्पियो और अन्य गाड़ियों में सवार होकर आए 15-20 बदमाशों ने उनकी बाइक रोक ली। बदमाशों ने बिना कुछ कहे ताबड़तोड़ हॉकी स्टिक, रॉड और पिस्टल की बट से हमला करना शुरू कर दिया।
छात्र की बेरहमी से पिटाई और लूटपाट
बदमाशों ने करीब 10 मिनट तक निवेदन को बेरहमी से पीटा, जिससे उसका सिर फट गया और वह लहूलुहान हो गया। निवेदन को पिटता देख उसके दोनों दोस्त अपनी जान बचाकर वहां से भाग खड़े हुए। पिटाई के बाद बदमाशों ने छात्र की जेब में रखे लगभग 10 से 12 हजार रुपये लूट लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी अपराधी अपनी गाड़ियों में सवार होकर मौके से फरार हो गए।
घायल छात्र का पीएमसीएच में इलाज
बदमाशों के जाने के बाद निवेदन के दोस्त वापस लौटे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस और दोस्तों की मदद से घायल छात्र को तुरंत पीएमसीएच (PMCH) में भर्ती कराया गया, जहां उसका प्राथमिक उपचार हुआ। पीड़ित ने गांधी मैदान थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है और आवेदन के साथ अपनी मेडिकल रिपोर्ट भी जमा की है।
अपराधियों का 'जंगलराज' जैसा दुस्साहस
पिस्टल की बट से छात्र का सिर फोड़ देना और खुलेआम हजारों की लूट करना यह दर्शाता है कि पटना की सड़कों पर अब बदमाशों का कब्जा है। स्कॉर्पियो जैसी गाड़ियों में सवार होकर इतनी बड़ी संख्या में उपद्रवियों का घूमना और वीआईपी सड़कों पर तांडव मचाना पुलिसिया खुफिया तंत्र की विफलता को उजागर करता है। अगर शहर के हृदय स्थल गांधी मैदान में छात्र सुरक्षित नहीं हैं, तो बाहरी इलाकों में रहने वाली आम जनता के भरोसे का क्या होगा?