मोकामा में 'खेत बचाओ अभियान' के तहत जुटी विशेषज्ञों की टोली, दलहनी व औषधीय फसलों पर हुई बड़ी कार्यशाला
'खेत बचाओ अभियान' सरकार द्वारा मिट्टी की सेहत सुधारने, रासायनिक उर्वरकों का उपयोग घटाने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए चलाया जाने वाला एक राष्ट्रव्यापी जन-अभियान है
Bihar News : मिट्टी की सेहत सुधारने और मानव स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को मोकामा में एक महत्वपूर्ण पहल हुई। 'खेत बचाओ अभियान' के अवसर पर दलहन अनुसंधान केन्द्र, मोकामा में एक दिवसीय भव्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य विषय "दलहनी एवं औषधीय फसलों का मृदा एवं मानव स्वास्थ्य पर महत्व" रहा। कृषि अनुसंधान संसथान पटना के क्षेत्रीय निदेशक शिवनाथ दास और निखत आजम सहित अन्य गणमान्य जनों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। वहीं इस कार्यशाला के स्मरण में पौधारोपण किया गया।
कृषि और स्वास्थ्य पर फोकस
कार्यशाला में कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों द्वारा इस बात पर गहराई से चर्चा की गई कि कैसे दलहनी (दालों की) फसलें मिट्टी की उर्वरा शक्ति (मृदा स्वास्थ्य) को प्राकृतिक रूप से बढ़ाती हैं। साथ ही, औषधीय फसलों के उत्पादन और उनके सेवन से मानव स्वास्थ्य को मिलने वाले फायदों पर भी विस्तृत ब्लूप्रिंट साझा किया गया।
कार्यशाला में बड़ी संख्या में मोकामा क्षेत्र के किसान शामिल हुए। उन्होंने नवाचार, आधुनिक कृषि, वैज्ञानिक अनुसंधान पूर्ण खेती, कृषि में नवोन्मेष सहित किसानो की मौसमी समस्याओं से जुड़े विषयों पर अपनी जिज्ञाषाएं रखी जिसका उचित समाधान खेत बचाओ अभियान' के तहत किया गया। वहीं मोकामा क्षेत्र में दलहन उत्पादन को टाल में बढ़ाने में मृदा स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का सुझाव किसानों को दिया गया।