Bihar News: अनंत सिंह के महादंगल में किसने मारी बाजी? विदेशी पहलवानों को भारतीयों ने पटका, 101 पहलवानों में बंटे 51 लाख रुपए

Bihar News: मोकामा विधायक अनंत सिंह ने महादंगल का आयोजन किया। उनके दंगल में देश-विदेश के पहलवान शामिल हुए। करीब 101 पहलवानों में 51 लाख रुपए बांटे गए।

अनंत सिंह के महादंगल में कौन जीता?- फोटो : social media

Bihar News:  मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने बिहार केसरी विवेका पहलवान के पुण्यतिथि पर अंतरराष्ट्रीय महादंगल का आयोजन किया। अनंत सिंह के पैतृक गांव नदवां में महादंगल का आयोजन हुआ। जो दर्शकों को घंटों तक रोमांचित रखा। इस भव्य आयोजन में देश-विदेश के पहलवानों ने अपनी ताकत और हुनर का शानदार प्रदर्शन किया। इस महादंगल में कुल 101 पहलवानों के बीच 51 लाख रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की गई।

10 अंतरराष्ट्रीय पहलवान हुए शामिल 

महादंगल में करीब 10 अंतरराष्ट्रीय पहलवानों ने हिस्सा लिया, जबकि देशभर से 90 से 100 के बीच पहलवान अखाड़े में उतरे। कई राउंड तक चले मुकाबलों में दर्शकों को कांटे की टक्कर देखने को मिली। भारत के कलुआ पहलवान ने ईरान के पहलवान को पटखनी देकर शानदार जीत दर्ज की, जिससे दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। इसके अलावा भारत के जॉन्टी गुर्जर और ईरान के पहलवान इरफान के बीच हुआ मुकाबला सबसे ज्यादा चर्चित रहा। दोनों पहलवानों के बीच जोरदार भिड़ंत हुई, लेकिन जॉन्टी ने अपनी फुर्ती और दमदार दांव-पेंच के दम पर महज 2 मिनट में इरफान को पटखनी देकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

अखाड़े में कुर्सी लगाकर बैठे रहे अनंत सिंह

महादंगल के दौरान अनंत सिंह पूरे समय अखाड़े में कुर्सी लगाकर मुकाबलों का आनंद लेते नजर आए। उनके साथ उनके बेटे अभिनव भी मौजूद रहे। इस आयोजन में भारी संख्या में दर्शकों की भीड़ उमड़ी। वहीं, कार्यक्रम में गुंजन सिंह ने भी अपनी प्रस्तुति दी और भोजपुरी गीतों से माहौल को और जीवंत बना दिया।

7 दिन में तैयार हुआ पारंपरिक अखाड़ा

महादंगल के लिए पारंपरिक शैली में विशेष अखाड़ा तैयार किया गया। इसके लिए नदी से लाल मिट्टी मंगाकर डाली गई। अखाड़े को मुलायम और मजबूत बनाने के लिए करीब 200 किलो हल्दी और 25 से 30 टीन सरसों के तेल का इस्तेमाल किया गया। इसे तैयार करने में लगभग 7 दिनों का समय लगा। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अखाड़े की सतह इस तरह बनाई गई कि पहलवानों को कम से कम चोट लगे। साथ ही, रोशनी की भी समुचित व्यवस्था की गई थी।