Vedanta Anil Agarwal : 'बेटा चला गया, पर उसका सपना जिन्दा रहेगा', पुत्र के निधन पर टूटे अनिल अग्रवाल, समाज को दान करेंगे अपनी दौलत का 75 फीसदी हिस्सा

Vedanta Anil Agarwal : पुत्र के निधन के बाद अनिल अग्रवाल ने कहा की "मैंने अग्नि से वादा किया था कि हम जो कुछ भी कमाएंगे, उसका 75 फीसदी हिस्सा समाज को वापस देंगे......पढ़िए आगे

सम्पत्ति दान करेंगे अनिल अग्रवाल - फोटो : SOCIAL MEDIA

N4N DESK : वेदांता समूह के संस्थापक अनिल अग्रवाल के जीवन में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके पुत्र अग्निवेश अग्रवाल का 49 वर्ष की आयु में अमेरिका में असामयिक निधन हो गया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर एक अत्यंत भावुक संदेश साझा करते हुए अनिल अग्रवाल ने इसे अपनी जिंदगी का सबसे दुखद दिन बताया। उन्होंने लिखा कि कोई भी शब्द उस माता-पिता के दर्द को बयां नहीं कर सकता जिसे अपने बच्चे को अंतिम विदा कहना पड़े। उन्होंने कहा, "एक बेटे को अपने पिता से पहले नहीं जाना चाहिए, मैं और मेरी पत्नी किरण पूरी तरह टूट चुके हैं।"

दुर्घटना और अचानक हृदयाघात बना कारण

अग्निवेश अग्रवाल के निधन की परिस्थितियों का जिक्र करते हुए अनिल अग्रवाल ने बताया कि अमेरिका में एक स्कीइंग दुर्घटना के बाद उनका न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई अस्पताल में इलाज चल रहा था। शुरुआती सुधार को देख परिवार को लगा था कि बुरा वक्त बीत चुका है, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। अस्पताल में रिकवरी के दौरान अचानक आए हृदयाघात (हार्ट अटैक) ने उनकी जान ले ली। अग्निवेश अपने पीछे सपनों और यादों का एक बड़ा संसार छोड़ गए हैं।

दौलत का 75% हिस्सा दान करने का वादा 

बेटे को खोने के गम के बीच अनिल अग्रवाल ने समाज सेवा के अपने उस पुराने संकल्प को फिर से दोहराया है, जो उन्होंने अपने बेटे के साथ मिलकर लिया था। उन्होंने घोषणा की कि वह अपनी कमाई का 75% से ज्यादा हिस्सा समाज कल्याण, बच्चों की शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के लिए दान करेंगे। उन्होंने लिखा, "मैंने अग्नि से वादा किया था कि हम जो कुछ भी कमाएंगे, उसका 75 फीसदी हिस्सा समाज को वापस देंगे। मैं आज उस वादे को दोहराता हूं और खुद को सादगी भरे जीवन में समर्पित करने का संकल्प लेता हूं।"

अग्निवेश अच्छे इंसान 

पटना में जन्म और बहुमुखी व्यक्तित्व अग्निवेश का जन्म 3 जून, 1976 को पटना के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा अजमेर के प्रसिद्ध मेयो कॉलेज से हुई थी। वह न केवल एक सफल व्यवसायी थे, बल्कि एक बॉक्सिंग चैंपियन, घुड़सवारी के शौकीन और शानदार संगीतकार भी थे। अनिल अग्रवाल ने उन्हें एक 'मजबूत और दयालु आत्मा' के रूप में याद किया, जो अपनी मां की आंखों का तारा और एक वफादार दोस्त थे। उनकी शख्सियत इतनी प्रभावशाली थी कि वे जिससे भी मिलते, उस पर अपनी छाप छोड़ देते थे।

कम्पनियों की स्थापना

व्यावसायिक विरासत और वेदांता परिवार अग्निवेश ने व्यावसायिक जगत में अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। उन्होंने 'फुजैराह गोल्ड' (Fujairah Gold) जैसी कंपनी खड़ी की और 'हिंदुस्तान जिंक' के चेयरमैन के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। अनिल अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि भले ही उनका बेटा शारीरिक रूप से चला गया है, लेकिन वेदांता में काम करने वाले हजारों युवा कर्मचारी उनके लिए अग्निवेश की तरह ही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके बेटे की विरासत उन लोगों के माध्यम से जीवित रहेगी, जिनकी जिंदगी को उसने बेहतर बनाया।