नवरात्र पर कलाकार मधुरेन्द्र की अनूठी लीफ आर्ट : 3 सेंटीमीटर के पीपल के पत्ते पर उकेरी गई मां दुर्गा की सूक्ष्म कलाकृति, नारी शक्ति के विविध रूपों का चित्रण

रेत पर भव्य आकृतियां उकेरने को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाले कलाकार मधुरेन्द्र ने नवरात्र के मौके मात्र तीन सेंटीमीटर के हरे पीपल के पत्ते पर मां दुर्गा की अत्यंत सूक्ष्म और आकर्षक तस्वीर उकेर नारी शक्ति के विविध रुपों का चित्रण किया है

नवरात्र पर कलाकार मधुरेन्द्र की अनूठी लीफ आर्ट- फोटो : रजनीश

Patna : शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर विश्वविख्यात रेत व सूक्ष्म कलाकार मधुरेन्द्र कुमार ने अपनी अनूठी लीफ आर्ट (Leaf Art) के माध्यम से समाज को एक सशक्त संदेश दिया है। देश में लड़कियों के साथ होने वाली छेड़छाड़ की घटनाओं से आहत होकर उन्होंने मात्र तीन सेंटीमीटर के हरे पीपल के पत्ते पर मां दुर्गा की अत्यंत सूक्ष्म और आकर्षक तस्वीर उकेरी है। लगभग तीन घंटे की कड़ी मेहनत से तैयार इस कलाकृति में धार्मिक आस्था के साथ महिला सुरक्षा और सम्मान जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दे को प्रभावी ढंग से जोड़ा गया है।


नारी शक्ति के विविध रूपों का चित्रण

इस कलाकृति का केंद्रीय आकर्षण सिंह पर सवार मां दुर्गा का विराट स्वरूप है, जिनके हाथों में त्रिशूल, तलवार और धनुष-बाण जैसे अस्त्र-शस्त्र दर्शाए गए हैं। इसके साथ ही, कलाकृति में महिलाओं की बहुआयामी प्रतिभा और विभिन्न क्षेत्रों में उनकी सक्रिय भूमिकाओं को भी बेहद बारीकी से उकेरा गया है। इसमें महिला वकील, डॉक्टर, स्नातक, शेफ, पुलिस अधिकारी, कामकाजी महिला, अग्निशामक, शिक्षिका और अंतरिक्ष यात्री के प्रतीक शामिल हैं, जो यह दर्शाते हैं कि महिलाएं आज न्याय, प्रशासन, शिक्षा, विज्ञान और अंतरिक्ष जैसे हर क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रही हैं।


'स्टॉप गर्ल्स हैरासमेंट' और 'रेस्पेक्ट ऑल वुमन' का संदेश

कलाकार ने अपनी इस सूक्ष्म कलाकृति के माध्यम से अंग्रेजी में “STOP GIRLS HARASSMENT” और “RESPECT ALL WOMEN” का स्पष्ट संदेश लिखा है। इस संबंध में कलाकार मधुरेन्द्र कुमार ने कहा, "मां दुर्गा शक्ति और साहस की प्रतीक हैं। नवरात्र में हम देवी की पूजा करते हैं, लेकिन हमारा कर्तव्य है कि हम हर बेटी और महिला को भी सम्मान और सुरक्षा दें। महिलाओं के प्रति छेड़छाड़ केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज की समस्या है।" उन्होंने लोगों से अपील की है कि मां दुर्गा की आराधना के साथ हर महिला के भयमुक्त जीवन का संकल्प लें।


प्राकृतिक माध्यमों से कला और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां

मधुरेन्द्र कुमार रेत पर भव्य आकृतियां उकेरने के अलावा हरे पत्तों, फलों, सब्जियों और अन्य प्राकृतिक वस्तुओं को अपनी कला का माध्यम बनाते रहे हैं। उनकी रचनाओं में सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण और समसामयिक विषयों की झलक मिलती है। उनके कलात्मक सफर में वर्ष 2020 में ओडिशा के अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्ट फेस्टिवल में भागीदारी, लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से सम्मान, एशियन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज उपलब्धि तथा सोनपुर मेले में भगवान विष्णु और गज-ग्राह प्रसंग पर आधारित 50 रेत कलाकृतियों का प्रदर्शन शामिल है।


रजनीश की रिपोर्ट