बांकीपुर की सियासत में सादगी बनाम सियासी संग्राम, BJP उम्मीदवार अभिषेक बंटी का हलफनामा चर्चा में, न बंगला, न मुकदमा, सिर्फ 19.60 लाख की दौलत के दम पर चुनावी मैदान में

Bankipur Bypoll: भारतीय जनता पार्टी की ओर से पहली बार चुनावी मैदान में उतरे अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ बंटी का चुनावी हलफनामा राजनीतिक गलियारों में बहस का सबब बन गया है।

बांकीपुर की सियासत में सादगी बनाम सियासी संग्राम- फोटो : social Media

Bankipur Bypoll: बिहार की सियासत का मरकज़ बनी पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव का मुकाबला अब और दिलचस्प होता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी  की ओर से पहली बार चुनावी मैदान में उतरे अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ बंटी का चुनावी हलफनामा राजनीतिक गलियारों में बहस का सबब बन गया है। एक तरफ करोड़ों की संपत्ति वाले उम्मीदवार चर्चा में हैं, तो दूसरी ओर अभिषेक बंटी ने अपने हलफनामे में सीमित संपत्ति, बिना किसी आपराधिक मुकदमे और साधारण जीवनशैली का ब्यौरा देकर चुनावी फिजा को नई दिशा दे दी है।

नामांकन के साथ दाखिल शपथ पत्र के मुताबिक 42 वर्षीय अभिषेक सिन्हा बंटी ने वर्ष 2000 में दरभंगा के एक स्कूल से मैट्रिक तक की पढ़ाई की थी। इसके बाद उन्होंने आगे की शिक्षा हासिल नहीं की और कारोबार को अपना पेशा बनाया। हलफनामे के अनुसार उनकी सालाना आय करीब 4.98 लाख रुपये है, जो व्यापार से होती है।

संपत्ति के विवरण में उन्होंने बताया है कि उनके पास 70 हजार रुपये नकद और बैंक खातों में करीब 29 हजार रुपये जमा हैं। उनकी कुल चल संपत्ति लगभग 19.60 लाख रुपये है, जिसमें 11 ग्राम सोने की अंगूठी और चेन भी शामिल है। दिलचस्प बात यह है कि उनके नाम पर न कोई मकान है, न खेती की जमीन और न ही कोई व्यावसायिक भूखंड। हालांकि उन्होंने बैंक ऑफ महाराष्ट्र से लगभग 10 लाख रुपये का ऋण लिया हुआ है।अभिषेक के पास दो वाहन हैं एक वर्ष 2018 मॉडल की होंडा कार और एक मोटरसाइकिल, जिसे पिछले वर्ष खरीदा गया। उनकी पत्नी अमृता कृष्णा निजी क्षेत्र में नौकरी करती हैं। उनके पास 50 हजार रुपये नकद, एलआईसी की चार पॉलिसियां तथा 32 ग्राम सोना और 400 ग्राम चांदी के आभूषण हैं, जिनकी कीमत करीब पांच लाख रुपये बताई गई है।

सबसे अहम बात यह है कि अभिषेक सिन्हा बंटी के खिलाफ किसी भी तरह का आपराधिक मामला दर्ज नहीं है और न ही उन्हें किसी मामले में सजा हुई है। अब 30 जुलाई को होने वाले मतदान में यह देखना दिलचस्प होगा कि बांकीपुर की अवाम सादगी, साफ-सुथरी छवि और राजनीतिक समीकरणों में किसे अपना जनादेश सौंपती है।