Beur Jail Patna Raid: पूर्णतः दोषी! फिर भी बेउर जेल के पूर्व अधीक्षक नीरज कुमार झा निलंबन मुक्त,पढिये संकल्प

बेउर जेल में अवैध गैस/हीटर संचालन,कुख्यात अपराधियों के साथ रखकर उनके शोषण का मार्ग प्रशस्त करने और कुव्यवस्था के आरोपों से घिरे तत्कालीन जेल अधीक्षक नीरज कुमार झा को मिला निलंबन से छुटकारा। गृह विभाग ने जारी किया आधिकारिक संकल्प। पढ़ें पूरी रिपोर्ट

बेउर जेल के पूर्व अधीक्षक नीरज कुमार झा निलंबन मुक्त- फोटो : Reporter

बिहार सरकार के गृह विभाग (कारा) द्वारा जारी संकल्प पत्र के अनुसार, 20 जून 2026 को आदर्श केंद्रीय कारा, बेउर (पटना) में कारा निरीक्षणालय और जिला प्रशासन द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान जेल परिसर के भीतर कई गंभीर अनियमितताएँ और कुव्यवस्थाएँ उजागर हुईं। जेल के वार्डों में अवैध रूप से गैस व हीटर पर खाना बनाने, कैंटीन में एमआरपी (MRP) से अधिक दरों पर सामान बेचने, और निर्धारित मेन्यू की अनदेखी कर प्राइवेट मेस के जरिए बंदियों से अवैध वसूली की बात सामने आई। इसके अलावा तरुण बंदियों को कुख्यात अपराधियों के साथ रखकर उनके शोषण का मार्ग प्रशस्त करने और लेखा पंजियों का संधारण न करने जैसी गंभीर कमियाँ भी पाई गईं।

तत्कालीन जेल अधीक्षक पर कर्तव्यों में लापरवाही और अनुशासनहीनता का आरोप

जाँच के दौरान बेउर जेल के तत्कालीन अधीक्षक नीरज कुमार झा की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हुए। निरीक्षण टीम के अनुसार, जेल अधिकारियों ने जाँच दल को सहयोग नहीं दिया और जाँच के समय सुरक्षा बल को छोड़कर बाहर चले गए। छुट्टी पर होने के बावजूद नीरज कुमार झा ने जेल पहुंचकर जाँच कार्य में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास किया। उनके इस आचरण को गंभीर अनुशासनहीनता, लापरवाही, कर्त्तव्यहीनता और अराजकता फैलाने वाला माना गया, जिसके लिए उन्हें पूर्णतः दोषी ठहराया गया।

निलंबन और विभागीय जांच की प्रक्रिया की शुरुआत

इन गंभीर आरोपों के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत 23 जून 2026 को विभागीय संकल्प जारी कर नीरज कुमार झा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। उनका मुख्यालय विशेष केंद्रीय कारा, भागलपुर निर्धारित किया गया। इसके पश्चात् 22 जुलाई 2026 को उनके विरुद्ध आरोप पत्र (साक्ष्य सहित) गठित कर 15 दिनों के भीतर लिखित बचाव अभिकथन माँगा गया, जिस पर वर्तमान में अग्रतर प्रशासनिक व अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।

प्रशासनिक दृष्टिकोण से निलंबन वापसी का निर्णय

विभागीय संकल्प के बिंदु संख्या 4 के अनुसार, कार्यहित और प्रशासनिक दृष्टिकोण की समीक्षा करते हुए तत्कालीन अधीक्षक नीरज कुमार झा को तत्काल प्रभाव से निलंबन से मुक्त कर दिया गया है। हालाँकि, निलंबन से मुक्ति के बावजूद उनके विरुद्ध जारी अनुशासनात्मक कार्रवाई का अंत नहीं हुआ है। उनके निलंबन अवधि (Suspension Period) के संबंध में अंतिम निर्णय प्रक्रियाधीन अनुशासनात्मक कार्रवाई का परिणाम आने के बाद ही लिया जाएगा।