Bihar Flood: बिहार में बाढ़ का विकराल रूप, 11 जिलों के 10 लाख से ज्यादा लोग पानी में, गंगा ने तोड़े पुराने रिकॉर्ड

Bihar Flood: बिहार में बाढ़ का कहर लगातार गहराता जा रहा है। राज्य के 11 जिलों के 50 प्रखंडों की 201 ग्राम पंचायतों में करीब 10.26 लाख लोग बाढ़ की जद में हैं। ...

बिहार में बाढ़ का विकराल रूप- फोटो : social Media

Bihar Flood: बिहार में बाढ़ का कहर लगातार गहराता जा रहा है। राज्य के 11 जिलों के 50 प्रखंडों की 201 ग्राम पंचायतों में करीब 10.26 लाख लोग बाढ़ की जद में हैं। गंगा, पुनपुन समेत कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। हालात यह हैं कि दियारा इलाका पूरी तरह जलमग्न हो चुका है और गांवों में घर-द्वार तक पानी पहुंच गया है।

पटना में गंगा का जलस्तर लगातार चिंता बढ़ा रहा है। गांधी घाट पर नदी का जलस्तर 2016 के उच्चतम स्तर के बेहद करीब पहुंच गया है। वहीं दीघा घाट पर गंगा खतरे के निशान से 1.34 मीटर ऊपर बह रही है। पुनपुन नदी भी तेजी से उफान पर है और बीते 24 घंटे में इसका जलस्तर 28 सेंटीमीटर बढ़ा है। गंगा का पानी रेलवे ब्रिज के करीब पहुंच चुका है।

बेगूसराय के बरौनी प्रखंड की सिमरिया बिंद टोली में गंगा का पानी घुसने से 1000 से अधिक घर डूब चुके हैं। सारण के दिघवारा में माही नदी का बांध करीब 30 फीट तक टूट गया है। इससे कई पंचायतों और बड़ी आबादी पर संकट मंडरा रहा है। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव अभियान में जुटे हैं।

मुंगेर में गंगा लाल निशान पार कर चुकी है। छह प्रखंड बाढ़ से प्रभावित हैं और लाल दरवाजा इलाके की सड़कों पर 3 से 4 फीट तक पानी जमा है। खगड़िया में लोग उफनते नदी-नालों को पार कर सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन कर रहे हैं। कई लोग अपने मवेशियों को कंधे पर उठाकर पानी पार करते नजर आए।

छपरा में NH-19 पर बाढ़ का पानी चढ़ने से आवाजाही प्रभावित है। भागलपुर में गंगा तेजी से बढ़ रही है और राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध पर दबाव बढ़ गया है। यहां नदी खतरे के निशान से 32 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच चुकी है, जबकि कहलगांव में यह 82 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।

पटना शहर को फिलहाल बाढ़ का सीधा खतरा नहीं बताया जा रहा, लेकिन नदी के बढ़ते तेवर ने प्रशासन और लोगों की बेचैनी जरूर बढ़ा दी है।