शिक्षा विभाग का बड़ा चाबुक: पटना के इस कॉलेज में BCA-BBA नामांकन पर रोक, सरकार ने प्रस्ताव को किया खारिज!

पटना के IMPACT कॉलेज में वोकेशनल कोर्स शुरू करने की कोशिशों पर सरकार ने पानी फेर दिया है। सीनेट की मंजूरी न होने की वजह से शिक्षा विभाग ने कड़ा फैसला सुनाया है। आखिर क्या है पूरा मामला और क्यों सरकार ने मंत्री स्तर से लगाई इस पर रोक? पढ़ें पूरी खबर।

Patna - : बिहार के उच्च शिक्षा विभाग ने पटना के एक चर्चित संस्थान को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है । सरकार ने संपतचक स्थित 'इंस्टीच्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड प्लानिंग एंड एडवांस्ड कंप्यूटर ट्रेनिंग' (IMPACT) के व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में संबंधन (Affiliation) के प्रस्ताव को सीधे तौर पर ठुकरा दिया है । सरकार के इस फैसले से संस्थान के भविष्य और वहां नामांकन की आस लगाए बैठे छात्रों को बड़ा झटका लगा है 

सत्र 2025-26 और 2026-27 के लिए मांगी गई थी अनुमति

मिली जानकारी के अनुसार, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने पत्र भेजकर IMPACT कॉलेज, लंका कछुआरा में सत्र 2025-26 और 2026-27 के लिए BCA और BBA जैसे वोकेशनल कोर्स में नामांकन हेतु नए संबंधन का प्रस्ताव दिया था । विश्वविद्यालय प्रशासन इस संस्थान में नए बैच शुरू करने की तैयारी में था, लेकिन सरकार की समीक्षा में फाइल अटक गई 


सीनेट की मंजूरी नहीं, तो सरकार ने भी फेरा मुंह

शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश में इस अस्वीकृति की बड़ी वजह का खुलासा किया गया है । विभाग के अनुसार, इस संबंधन प्रस्ताव पर सीनेट (अधिषद्) का अनुमोदन प्राप्त नहीं था । नियमों की अनदेखी और सीनेट की मुहर न होने के कारण राज्य सरकार ने इस कॉलेज के प्रस्तावित पाठ्यक्रमों को मंजूरी देने से साफ इनकार कर दिया है 

माननीय मंत्री के स्तर से लगी नामंजूरी पर मुहर

अवर सचिव राजीव कुमार चौधरी द्वारा जारी इस पत्र में स्पष्ट किया गया है कि इस प्रस्ताव को खारिज करने के फैसले पर माननीय मंत्री का भी अनुमोदन प्राप्त है । सरकार के इस कड़े कदम ने यह साफ कर दिया है कि बिना उचित प्रक्रिया और सीनेट की अनुमति के किसी भी संस्थान को व्यवसायिक कोर्स चलाने की छूट नहीं दी जाएगी 

कॉलेज और विश्वविद्यालय प्रशासन में मची खलबली

सरकार के इस 'अस्वीकृति संदेश' के बाद अब पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय और IMPACT कॉलेज प्रबंधन के बीच हड़कंप मच गया है । जानकारों का कहना है कि यह फैसला उन संस्थानों के लिए एक चेतावनी है जो बिना मानकों को पूरा किए या बिना वैधानिक अनुमति के उच्च शिक्षा में अपने पैर पसारने की कोशिश कर रहे हैं