कोटा-दिल्ली जाने का झंझट खत्म, पटना के 150 सरकारी स्कूलों में राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं की छात्र करेंगे तैयारी, AI और स्मार्ट कंटेंट से बदल जाएगी सूरत

Bihar School News: कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को मिलेगा, जिससे अब गांवों और कस्बों के बच्चे भी कॉन्वेंट स्कूलों की तर्ज पर शिक्षा हासिल कर सकेंगे।...

कोटा-दिल्ली जाने का झंझट खत्म- फोटो : social Media

Bihar School News: बिहार की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और हाईटेक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार स्कूल लाइव क्लासेज के बड़े विस्तार का ऐलान करते हुए इसे सूबे के छात्रों के लिए एक नए युग की शुरुआत बताया है।आज यानी  16 जुलाई 2026 से राजधानी पटना के 150 सरकारी स्कूलों में आधुनिक तकनीक पर आधारित लाइव क्लासेज का विधिवत आगाज होने जा रहा है।

कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को मिलेगा, जिससे अब गांवों और कस्बों के बच्चे भी कॉन्वेंट स्कूलों की तर्ज पर शिक्षा हासिल कर सकेंगे।अब सरकारी स्कूलों के ब्लैकबोर्ड बीते दिनों की बात होने वाले हैं, क्योंकि उनकी जगह स्मार्ट डिजिटल कंटेंट और डिजिटल स्क्रीन ले रहे हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, छात्रों को पारंपरिक रटंत विद्या के बजाय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस  पर आधारित अध्ययन सहायता मिलेगी, जो बच्चों की कमजोरी को भांपकर उन्हें गाइड करेगी।विद्यार्थियों को डिजिटल फॉर्मेट में विस्तृत नोट्स और ऑनलाइन मॉक टेस्ट जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं दी जाएंगी

बिहार सरकार की इस'महत्वाकांक्षी मुकम्मल योजना का सबसे क्रांतिकारी पहलू यह है कि अब गरीब और मध्यम वर्ग के होनहार बच्चों को कोटा या दिल्ली जैसे महंगे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। छात्र अब सीधे अपने स्कूल परिसर से ही JEE (इंजीनियरिंग), NEET (मेडिकल) और CUET जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।

इसके लिए पटना के 10 चयनित मॉडल विद्यालयों में निःशुल्क कोचिंग  की शुरुआत की जा रही है। सरकार का पुख्ता इरादा है कि आने वाले दिनों में इस फ्री कोचिंग की सहूलियत को राज्य के 146 मॉडल विद्यालयों तक विस्तारित किया जाएगा ताकि हर मेधावी छात्र अपनी मंजिल पा सके।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर इस खुशखबरी को साझा करते हुए लिखा कि जुलाई के अंत तक यह डिजिटल सुविधा पटना के सभी 422 उच्च विद्यालयों तक पहुंचा दी जाएगी।

शिक्षा के साथ-साथ सरकार ने खेल जगत में भी नया सवेरा लाने की पहल की है। शास्त्री नगर स्थित बालिका हॉकी प्रशिक्षण केंद्र के दिन अब बहुरने वाले हैं। इस केंद्र को विश्वस्तरीय और आधुनिक खेल सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही, बिहार की बेटियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकाने के लिए यहां कृत्रिम घास का मैदान के निर्माण की दिशा में एक बड़ा और 'अहम फैसला' लिया गया है, ताकि खेल के मैदान में भी बिहार का परचम लहरा सके।