Bihar Rutag Smart Village Centre : बिहार में स्थापित होंगे रुटैग स्मार्ट विलेज सेंटर, गांवों में पहुंचेगी सस्ती ये अत्याधुनिक तकनीक

Bihar Rutag Smart Village Centre : बिहार के ग्रामीण इलाकों में कृषि, स्वरोजगार और आधुनिक तकनीकों की पहुंच बढ़ाने के लिए रुटैग स्मार्ट विलेज सेंटर स्थापित किए जाएंगे।..

बिहार में स्थापित होंगे रुटैग स्मार्ट विलेज सेंटर- फोटो : social Media

Bihar Rutag Smart Village Centre : बिहार के ग्रामीण इलाकों में कृषि, स्वरोजगार और आधुनिक तकनीकों की पहुंच बढ़ाने के लिए रुटैग स्मार्ट विलेज सेंटर स्थापित किए जाएंगे। नाबार्ड और अन्य संबंधित एजेंसियों के सहयोग से प्रस्तावित इस पहल का मकसद छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने के साथ ग्रामीण युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के अवसर तैयार करना है।

प्रस्ताव के अनुसार, प्रत्येक चयनित स्मार्ट विलेज सेंटर से कम से कम 10 गांवों के करीब 1000 ग्रामीण परिवारों को सीधे जोड़ा जाएगा। सेंटर की स्थापना के लिए करीब 500 से 1000 वर्गफीट जगह का चयन किया जाएगा। यहां किसानों और युवाओं को तकनीकी सेवाएं, प्रशिक्षण और विभिन्न उपकरणों के प्रदर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

नाबार्ड की ओर से इस पहल का प्रस्ताव बिहार सरकार को सौंपा गया है। योजना के लागू होने से स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने में मदद मिलने और ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद जताई गई है।

तीन श्रेणियों में होंगे स्मार्ट विलेज सेंटर

स्मार्ट विलेज सेंटर को स्थानीय जरूरत, भौगोलिक स्थिति और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा। इसके लिए कुल 12 कार्यक्षेत्र यानी ट्रेड चिह्नित किए गए हैं। प्रत्येक सेंटर को इनमें से कम से कम दो ट्रेड का चयन करना होगा।ट्रेड का चुनाव संबंधित क्षेत्र में किसानों की मांग, स्थानीय परिस्थितियों और आर्थिक उपयोगिता को ध्यान में रखकर किया जाएगा। इससे सेंटर को स्थानीय जरूरतों के मुताबिक संचालित करने में मदद मिलेगी।सेंटर के संचालन के लिए प्राइमरी एग्रीकल्चरल क्रेडिट सोसाइटी , स्वयं सहायता समूह फेडरेशन, कृषि विज्ञान केंद्र  आरसेटी और गैर-सरकारी संगठनों को प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटिंग एजेंसी के रूप में जिम्मेदारी दी जा सकती है।यदि कोई पैक्स अकेले सेंटर संचालित करने की स्थिति में नहीं होगा तो सहयोगी संस्थाओं के साथ मिलकर संयुक्त संचालन की व्यवस्था भी की जा सकेगी।

किफायती शुल्क और CSR से तैयार होगा रेवेन्यू मॉडल

स्मार्ट विलेज सेंटर को लंबे समय तक आत्मनिर्भर बनाए रखने के लिए रेवेन्यू मॉडल तैयार किया गया है। सेंटर से उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं के बदले ग्रामीणों से किफायती शुल्क लिया जाएगा।इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के साथ कन्वर्जेंस किया जाएगा। कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी यानी CSR फंड के जरिए भी सेंटर के बुनियादी ढांचे और बजट को मजबूत करने का प्रस्ताव है।

किसानों को तकनीक, प्रशिक्षण और बाजार—एक प्लेटफॉर्म पर

प्रस्तावित मॉडल के तहत 10 गांवों के करीब 1000 परिवारों के लिए तकनीकी केंद्र विकसित किया जाएगा। प्रत्येक सेंटर कम से कम दो कार्यक्षेत्रों पर काम करेगा। किसानों और युवाओं को सस्ती आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, प्रदर्शन उपकरण और बाजार तक पहुंच से जोड़ने की कोशिश की जाएगी।इस पहल का फोकस ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार, उद्यमिता और टिकाऊ आजीविका के अवसर बढ़ाने पर है। स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ने से ग्रामीण युवाओं के दूसरे क्षेत्रों में रोजगार के लिए पलायन को कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।