Bihar Police: अब आपके कॉल पर बिहार पुलिस तुरंत लेगी एक्शन, सीधे डीजीपी के दरबार में करें फरियाद, नोट कर लें नंबर
Bihar Police: थाने की चौखट पर चक्कर काटने या सिफारिशी फोन का इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बिहार के डीजीपी के कंट्रोल रूम में आम नागरिक सीधे मोबाइल के जरिए अपनी फरियाद, शिकायत, सुझाव या मदद की गुहार लगा सकेंगे।
Bihar Police: बिहार में बढ़ते जुर्म, बदमाशी और कानून-व्यवस्था की चुनौती के बीच पुलिस महकमे ने आम अवाम के लिए एक नया रास्ता खोल दिया है। अब थाने की चौखट पर चक्कर काटने या सिफारिशी फोन का इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के कंट्रोल रूम में आम नागरिक सीधे मोबाइल के जरिए अपनी फरियाद, शिकायत, सुझाव या मदद की गुहार लगा सकेंगे। पुलिस मुख्यालय ने इस पहल को अपराध पर लगाम कसने और जनता को इंसाफ दिलाने की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय से जारी बयान के मुताबिक डीजीपी नियंत्रण कक्ष के लिए दो हेल्पलाइन नंबर-9031829339 और 9031829340 जारी किए गए हैं। इन नंबरों पर राज्य का कोई भी शख्स कानून-व्यवस्था, पुलिसिया लापरवाही, स्थानीय स्तर पर हो रही अनदेखी, दबंगई, धमकी, वसूली या किसी भी तरह की परेशानी की सीधी इत्तिला दे सकता है। मतलब साफ है—अब फरियादी की आवाज सीधे आला अफसरों तक पहुंचेगी, बिना किसी बिचौलिए के।
पुलिस अफसरों का कहना है कि इस हेल्पलाइन का मकसद शिकायतों को फाइलों में दबने से बचाना और उन्हें फौरन संबंधित अफसरों तक पहुंचाना है, ताकि वक्त रहते कार्रवाई हो सके। कंट्रोल रूम में आने वाली हर कॉल और सूचना को गंभीरता से लिया जाएगा और जरूरत पड़ने पर फील्ड में तुरंत दस्ते भेजे जाएंगे। इससे न सिर्फ पीड़ितों को राहत मिलेगी, बल्कि पुलिस पर जनता का भरोसा भी मजबूत होगा।
हालांकि पुलिस मुख्यालय ने साफ किया है कि इस नंबर का इस्तेमाल सिर्फ हकीकत और संगीन मामलों के लिए ही किया जाए। झूठी, भ्रामक या शरारत भरी सूचना देने वालों पर भी कार्रवाई हो सकती है। डीजीपी ने दो टूक कहा है कि बिहार में जुर्म और जुर्मपेशा लोगों के लिए कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। जो भी अपराधी कानून को ठेंगा दिखाने की कोशिश करेंगे, उन पर सख्त कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।
बहरहाल डीजीपी कंट्रोल रूम की यह नई हेल्पलाइन आम आदमी के लिए इंसाफ की नई खिड़की है और अपराधियों के लिए साफ पैगाम अब बचने की कोई गुंजाइश नहीं।
रिपोर्ट- कुलदीप भारद्वाज