Bihar RERA: बिल्डरों की मनमानी पर RERA का डंडा! खरीदारों को मिल रहा लाखों का पैसा वापस

Bihar RERA: बिहार RERA ने आदेश नहीं मानने वाले बिल्डरों से बकाया रकम और जुर्माना वसूलने की कार्रवाई तेज कर दी है। कई घर खरीदारों को लाखों रुपये वापस मिले हैं।

Bihar RERA: बिहार रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) ने अपने आदेशों का पालन नहीं करने वाले बिल्डरों पर कार्रवाई तेज कर दी है। रेरा ने बकाया रकम और जुर्माना वसूलने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। पिछले एक महीने में कई मामलों में घर खरीदारों को उनकी फंसी हुई रकम वापस मिली है।

पैसे नहीं लौटाने पर दर्ज हो रहा सर्टिफिकेट केस

रेरा के आदेश के बाद भी अगर कोई बिल्डर घर खरीदार को पैसा नहीं लौटाता है तो उसके खिलाफ बिहार एवं उड़ीसा लोक मांग वसूली अधिनियम, 1914 के तहत सर्टिफिकेट केस दर्ज किया जा रहा है। इन मामलों की सुनवाई तेजी से की जा रही है, ताकि लंबे समय से अपनी रकम का इंतजार कर रहे लोगों को जल्द राहत मिल सके।

एक मामले में 13 लाख रुपये लौटाए गए

18 अगस्त को इजिओन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर ने शिकायतकर्ता मो. काशिफ यूनुस को 13 लाख रुपये का भुगतान किया। इस मामले में रेरा ने साल 2022 में कुल 67.64 लाख रुपये लौटाने का आदेश दिया था। जब तय समय पर रकम नहीं मिली तो निष्पादन वाद दायर किया गया। इसके बाद बकाया रकम की वसूली के लिए सर्टिफिकेट केस दर्ज करने का निर्देश दिया गया। सुनवाई में लगातार नहीं पहुंचने पर प्रमोटर के खिलाफ वारंट जारी हुआ। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर सर्टिफिकेट पदाधिकारी अनिमेष पांडेय की अदालत में पेश किया। वहां प्रमोटर ने 5.80 लाख रुपये नकद और 7.20 लाख रुपये का चेक दिया। बाकी रकम के लिए छह पोस्ट-डेटेड चेक भी दिए गए।

दो घर खरीदारों को मिले सात-सात लाख रुपये के चेक

सर्वोदय मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के मामले में पवन कुमार अग्रवाल को 29.51 लाख रुपये की बकाया रकम में से सात लाख रुपये का चेक दिया गया।इसी कंपनी से जुड़े दूसरे मामले में पीयूष श्रीवास्तव को भी सात लाख रुपये का चेक मिला। इस मामले में प्रमोटर पहले ही 27.50 लाख रुपये वापस कर चुका है। अब करीब 11 लाख रुपये की रकम बाकी है।

दो बिल्डरों से 10-10 लाख रुपये का जुर्माना वसूला

रेरा ने सिर्फ घर खरीदारों की रकम ही नहीं, बल्कि बिल्डरों से जुर्माना भी वसूलना शुरू किया है।टेक्नोकल्चर बिल्डिंग सेंटर प्राइवेट लिमिटेड से ‘वास्तु विहार, मोतिहारी-चरण III’ परियोजना के मामले में 10 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। अबू कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड से भी 10 लाख रुपये का जुर्माना लिया गया।दोनों मामलों की सुनवाई सर्टिफिकेट पदाधिकारी अमरेन्द्र शाही की अदालत में हुई।

रेरा परिसर में ही हो रही मामलों की सुनवाई

बिहार RERA ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सर्टिफिकेट पदाधिकारी की जिम्मेदारी दी है। अनिमेष पांडेय रेरा के सचिव हैं, जबकि अमरेन्द्र शाही वरिष्ठ भूमि राजस्व पदाधिकारी हैं।दोनों अधिकारियों की अदालतें रेरा परिसर में ही चल रही हैं। इससे घर खरीदारों को अपने मामले में आदेश लागू कराने के लिए किसी दूसरे कार्यालय या मंच पर जाने की जरूरत कम हो गई है। रेरा की इस कार्रवाई से उन घर खरीदारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी रकम बिल्डरों के पास लंबे समय से फंसी हुई है।