Bihar Education Department: बिहार के स्कूलों में अब रिटायर अधिकारी भी बनेंगे गुरुजी! शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, खाली पदों पर ऐसे होगी शिक्षकों की तैनाती
Bihar Education Department: अब तक जिन स्कूलों में गणित, विज्ञान और अंग्रेजी के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, वहां रिटायर शिक्षकों की सेवाएं लेने की तैयारी चल रही थी।...
Bihar Education Department: बिहार के सरकारी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए शिक्षा विभाग अब नई पहल करने जा रहा है। अब तक जिन स्कूलों में गणित, विज्ञान और अंग्रेजी के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, वहां रिटायर शिक्षकों की सेवाएं लेने की तैयारी चल रही थी। लेकिन अब इस योजना का दायरा और बढ़ाया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत रिटायर शिक्षकों के साथ-साथ सेवानिवृत्त अधिकारियों को भी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। उच्च स्तर पर इस प्रस्ताव को लेकर निर्णय हो चुका है।
अब स्कूलों में पढ़ाएंगे रिटायर अधिकारी भी
शिक्षा विभाग की इस नई कवायद का मकसद सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारना और विषयवार शिक्षकों की कमी को दूर करना है। बिहार में बड़ी संख्या में ऐसे अधिकारी हैं, जो सेवानिवृत्ति के बाद अपने गृह जिले या गांव लौट जाते हैं। इनमें कई ऐसे अधिकारी भी हैं, जिनका शैक्षणिक बैकग्राउंड काफी मजबूत रहा है। विभाग अब ऐसे अनुभवी लोगों की शैक्षणिक योग्यता और रुचि का लाभ स्कूली बच्चों को दिलाने की तैयारी में है।स्थानीय शिक्षा अधिकारी ऐसे सेवानिवृत्त अधिकारियों से संपर्क करेंगे और उन्हें स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रेरित करेंगे। खासकर ग्रामीण और कस्बाई इलाकों के विद्यालयों में इस व्यवस्था को लागू करने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रधानाध्यापक तैयार करेंगे रिटायर शिक्षकों की सूची
इस पूरी व्यवस्था को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को दी जाएगी। प्रधानाध्यापक अपने इलाके के ऐसे रिटायर शिक्षकों की पहचान करेंगे, जिन्होंने अपने अध्यापन कौशल और विषय पर मजबूत पकड़ के कारण अच्छी पहचान बनाई है।जिन विद्यालयों में अंग्रेजी, गणित और विज्ञान के शिक्षकों की कमी है, वहां के प्रधानाध्यापक ऐसे अनुभवी शिक्षकों से संपर्क करेंगे। उनकी सहमति मिलने के बाद संबंधित नाम जिला शिक्षा पदाधिकारी को भेजे जाएंगे। इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी विभागीय स्तर पर अनुमति प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी करेंगे। विभाग की मंजूरी मिलने के बाद ही संबंधित रिटायर शिक्षकों को पढ़ाने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
अपने पुराने स्कूल में पढ़ाने का भी मिलेगा मौका
इस योजना का एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि कई सेवानिवृत्त अधिकारी और शिक्षक अपने पुराने विद्यालयों में ही दोबारा पढ़ाने की इच्छा रखते हैं। जिस स्कूल से उन्होंने अपनी शिक्षा हासिल की, उसी परिसर में लौटकर नई पीढ़ी को ज्ञान देने का अवसर उन्हें मिल सकता है।ऐसे लोगों का अनुभव विद्यार्थियों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है। खासकर गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे विषयों में अनुभवी मार्गदर्शन मिलने से बच्चों की पढ़ाई को मजबूती मिल सकती है।
जल्द तैयार होगी सूची, मानदेय देने की भी तैयारी
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, इच्छुक रिटायर शिक्षकों की सूची जल्द तैयार की जाएगी। कई जिलों में अनुभवी शिक्षक अपनी सहमति भी दे चुके हैं। पढ़ाने के एवज में उन्हें निर्धारित मानदेय देने पर भी विचार किया जा रहा है। बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए शिक्षा विभाग अनुभवी और सेवानिवृत्त लोगों की सेवाएं लेने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यदि यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है तो विद्यार्थियों को अनुभवी शिक्षकों से पढ़ने का अवसर मिलेगा और सरकारी स्कूलों में विषयवार पढ़ाई को नई मजबूती मिल सकती है।