Bihar Teacher Transfer 2026: बिहार के 4 लाख शिक्षकों का होगा तबादला, इस दिन से खुलेगा पोर्टल, इस दिन नए स्कूलों में देंगे योगदान
Bihar Teacher Transfer 2026: चार लाख शिक्षकों की बदलेगी स्कूल की कुर्सी, 31 दिसंबर तक तबादले का फरमान; नए साल में नई जगह पढ़ाएंगे गुरुजी...
Bihar Teacher Transfer 2026: बिहार में सरकारी शिक्षकों के लिए नए साल की शुरुआत नई जगह और नई जिम्मेदारी के साथ होने वाली है। राज्य के चार लाख से अधिक शिक्षकों के सामान्य स्थानांतरण की प्रक्रिया 31 दिसंबर तक पूरी करने का लक्ष्य तय किया गया है। शिक्षा विभाग ने तबादले का पूरा रोडमैप तैयार कर लिया है। इसके तहत 30 नवंबर से ऑनलाइन पोर्टल खोला जाएगा और शिक्षक 7 दिसंबर तक अपने स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकेंगे। यानी लंबे समय से मनचाहे विद्यालय में तैनाती की आस लगाए बैठे शिक्षकों के लिए अब इंतजार की घड़ियां खत्म होने वाली हैं। हालांकि, आवेदन करना अलग बात है और मनचाही जगह मिलना अलग। अंतिम फैसला विभाग की निर्धारित प्रक्रिया और उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर होगा।
30 नवंबर से खुलेगा पोर्टल, 7 दिसंबर तक मौका
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की बैठक में स्थानांतरण को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। तय कार्यक्रम के अनुसार 27 नवंबर को विद्यालयवार संशोधित रिक्तियों की सूची जारी की जाएगी। इसके बाद 30 नवंबर से 7 दिसंबर तक शिक्षक वरीयता के आधार पर तबादले के लिए आवेदन कर सकेंगे। 8 दिसंबर से 31 दिसंबर तक सामान्य स्थानांतरण की सूची जारी करने, उस पर मिलने वाली आपत्तियों और अपीलों का निष्पादन किया जाएगा। विभाग का लक्ष्य है कि दिसंबर खत्म होने से पहले पूरी प्रक्रिया निपटा दी जाए, ताकि नए साल में शिक्षक अपने नए विद्यालयों में योगदान कर सकें।
तबादले का पूरा शेड्यूल, तारीखें कर लें नोट
शिक्षा विभाग ने स्थानांतरण की प्रक्रिया को कई चरणों में बांटा है।
- 9 से 14 नवंबर: 14 जिलों में सरप्लस और म्यूचुअल ट्रांसफर के लिए जिला समिति की बैठक होगी। 24 जिलों में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
- 17 से 25 नवंबर: प्रमंडल और राज्यस्तरीय समितियों की बैठक, सूची का प्रकाशन और अपीलों का निष्पादन होगा।
- 27 नवंबर: विद्यालयवार संशोधित रिक्तियों की सूची जारी होगी।
- 30 नवंबर से 7 दिसंबर: वरीयता के आधार पर शिक्षक ऑनलाइन आवेदन करेंगे।
- 8 से 31 दिसंबर: सामान्य स्थानांतरण सूची जारी होगी तथा आपत्तियों और अपीलों का निपटारा किया जाएगा।
1700 प्रमाण पत्र फर्जी, शिक्षकों की नियुक्ति पर भी उठे सवाल
तबादले की इस बड़ी कवायद के बीच शिक्षा विभाग में प्रमाण पत्रों की जांच का मामला भी चर्चा में है। राज्य में करीब 3.20 लाख शिक्षकों के प्रमाण पत्र संदिग्ध बताए गए हैं। इनमें से 2.40 लाख प्रमाण पत्रों की जांच पूरी हो चुकी है। जांच में करीब 1700 प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं। यह आंकड़ा बताता है कि शिक्षा व्यवस्था में नियुक्तियों की पारदर्शिता को लेकर अभी काफी काम बाकी है। विभाग की ओर से फर्जी प्रमाण पत्रों के मामलों में कार्रवाई की बात कही गई है।
स्कूलों में शिक्षक संतुलन या सिर्फ तबादले का नया खेल?
शिक्षा विभाग का दावा है कि चरणबद्ध स्थानांतरण से स्कूलों में शिक्षकों का संतुलन बेहतर होगा और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। नए साल में नई तैनाती के साथ विद्यालयों में पठन-पाठन सुचारू रखने की तैयारी है। लेकिन सवाल यह भी है कि क्या इस बार तबादले की प्रक्रिया वास्तव में पारदर्शी रहेगी? क्या दूरदराज के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर होगी या फिर पसंदीदा जगह पाने की दौड़ ही हावी रहेगी?
चार लाख से अधिक शिक्षकों की तैनाती बदलना कोई छोटी प्रशासनिक कवायद नहीं है। अब विभाग की असली परीक्षा यह होगी कि तय समयसीमा में बिना गड़बड़ी और बिना सिफारिश के तबादले पूरे हों। क्योंकि शिक्षा व्यवस्था में सुधार सिर्फ शिक्षकों की कुर्सी बदलने से नहीं, बल्कि स्कूलों में उनकी नियमित मौजूदगी और बच्चों की बेहतर पढ़ाई से आएगा।