बिहार में पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए बड़ी पहल, 927 शिक्षकों की होगी भर्ती; अनुमंडल स्तर पर खुलेंगे आवासीय विद्यालय
रमा निषाद ने बताया कि वर्ष 2008-09 की तुलना में वित्तीय वर्ष 2026-27 में विभाग के वार्षिक योजना बजट में 42 गुना से अधिक की वृद्धि हुई है।
Bihar News : बिहार सरकार ने पिछड़ा वर्ग (BC) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के छात्रों की शिक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रमा निषाद ने बुधवार को विभाग की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि विभाग द्वारा संचालित प्लस-टू कन्या आवासीय विद्यालयों में 927 शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को अधियाचना भेज दी गई है और भर्ती प्रक्रिया शिक्षक नियुक्ति परीक्षा (TRE-4) के माध्यम से पूरी की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि राज्य में संचालित प्लस-टू कन्या आवासीय विद्यालयों में पहले से स्वीकृत पदों के विरुद्ध 438 शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है। इनमें 15 प्राचार्य, 173 उच्च माध्यमिक शिक्षक, 119 माध्यमिक शिक्षक और 131 प्राथमिक शिक्षक शामिल हैं। शेष रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है।
अनुमंडल स्तर पर खुलेंगे नए आवासीय विद्यालय
रमा निषाद ने बताया कि सरकार अब जिला मुख्यालयों के साथ-साथ अनुमंडल स्तर पर भी छात्र-छात्राओं के लिए आवासीय प्लस-टू विद्यालय खोलने की योजना पर काम कर रही है। प्रस्ताव के तहत अनुमंडल मुख्यालयों पर 520 क्षमता वाले कन्या आवासीय विद्यालय और 720 क्षमता वाले बालक आवासीय विद्यालय स्थापित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि इन विद्यालयों को मौजूदा शैक्षणिक सत्र के दौरान ही शुरू किया जाए।
12 नए विद्यालय भवनों का होगा निर्माण
उन्होंने कहा कि विभाग 520 छात्राओं की क्षमता वाले 12 पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय प्लस-टू विद्यालयों के लिए आधुनिक भवनों का निर्माण कराएगा। इन विद्यालयों में छात्रों के लिए सभी आवश्यक शैक्षणिक और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावासों का होगा विस्तार
मंत्री ने बताया कि विभाग जिला, अनुमंडल और प्रमंडल स्तर पर 100-100 सीटों वाले नए जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावासों के निर्माण की भी तैयारी कर रहा है। वर्तमान में राज्य के 38 जिलों में संचालित छात्रावासों की कुल क्षमता 3,800 छात्रों की है, जिनमें 2,962 छात्र नामांकित हैं।
JEE-NEET की मुफ्त कोचिंग, IIT मद्रास से जुड़ेंगे छात्र
रमा निषाद ने कहा कि विभाग छात्र-छात्राओं को आधुनिक शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने पर विशेष ध्यान दे रहा है। नौवीं से 12वीं कक्षा तक की छात्राओं को JEE, NEET समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डाटा साइंस जैसे आधुनिक विषयों की पढ़ाई के लिए IIT मद्रास के कनेक्ट प्रोग्राम से जोड़ा गया है।
छात्रवृत्ति और विदेश में पढ़ाई के लिए सहायता
मंत्री ने बताया कि विभाग विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं का संचालन कर रहा है। दसवीं कक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण करने वाले पिछड़ा वर्ग के स्थायी निवासी छात्रों को 10 हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती है। वहीं, बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसके अलावा मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अतिपिछड़ा वर्ग अभ्युदय योजना के तहत CLAT, NIFT जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, उच्च शिक्षा और विदेश में अध्ययन के लिए भी सहायता देने की योजना तैयार की जा रही है।
छात्राओं को लैपटॉप देने का प्रस्ताव
रमा निषाद ने बताया कि उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि पात्र छात्राओं को 50 हजार रुपये तक की लागत वाले लैपटॉप उपलब्ध कराए जाएं। यह सुविधा पुलिस, अग्निशमन सेवा सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले तथा इंटरमीडिएट और तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के लिए उपयोगी होगी।
जल्द लॉन्च होगा ऑनलाइन शिकायत पोर्टल
मंत्री ने कहा कि विभाग की योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही एक ऑनलाइन शिकायत एवं सुझाव पोर्टल शुरू किया जाएगा। इसके माध्यम से छात्र, अभिभावक और आम नागरिक विभाग से जुड़ी शिकायतें और सुझाव सीधे दर्ज करा सकेंगे।
रमा निषाद ने बताया कि वर्ष 2008-09 की तुलना में वित्तीय वर्ष 2026-27 में विभाग के वार्षिक योजना बजट में 42 गुना से अधिक की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पिछड़ा और अतिपिछड़ा वर्ग के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन और बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है।